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“लव जिहाद” पर बोले CM योगी- क्या हम भूल सकते हैं कि अब्दुल्ला ने अमित बन हिंदू महिला से कर ली शादी?

आदित्यनाथ ने दावा किया कि सरकार की कोई भी कार्रवाई पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं थी, और यह राज्य की जिम्मेदारी थी कि वह प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन द्वारा समय पर की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप राज्य में कोई साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ है।

Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: June 25, 2021 11:11 AM
उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात की। (express photo)

उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए ‘लव जिहाद’, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के उपयोग और आम नागरिकों और पत्रकारों के खिलाफ देशद्रोह के आरोपों से जुड़े कई सवालों का जवाब दिया।

इंडियन एक्सप्रेस के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत गोयनका और राजनीतिक संपादक और राष्ट्रीय ब्यूरो के प्रमुख रवीश तिवारी से ‘ई अड्डा’ कार्यक्रम में बातचीत करते हुए योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि सरकार की कोई भी कार्रवाई पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं थी, और यह राज्य की जिम्मेदारी थी कि वह प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन द्वारा समय पर की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप राज्य में कोई साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ है।

सीएम ने कहा “समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान, राज्य में 300 से अधिक दंगे हुए थे। हमारी सरकार के चार साल से अधिक समय में एक भी दंगा नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश अब सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक है, और इसकी कानून व्यवस्था दूसरों के लिए एक उदाहरण है।”

आदित्यनाथ ने कहा कि राजद्रोह या एनएसए के आरोप केवल उन लोगों के खिलाफ लाए गए हैं जिन्होंने जानबूझकर कानून अपने हाथ में लिया और राज्य में कुप्रबंधन और अराजकता पैदा करने और व्यवस्था को हाईजैक करने का प्रयास किया।

यूपी ले मुख्यमंत्री ने कहा “कोई भी मामला पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं था… हम सभी जानते हैं कि सीएए के विरोध प्रदर्शनों के दौरान किस तरह की योजनाएँ बनाई जा रही थीं। हर नागरिक को सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी सरकार की है… हमारी ऐसी (पत्रकारों पर आरोप लगाने की) कोई मंशा नहीं है, लेकिन अगर कोई दो समुदायों को आपस में लड़ाकर माहौल बिगाड़ना चाहता है तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम समय रहते उस पर नियंत्रण करें और लोगों के सामने सच लाएं।”

आदित्यनाथ ने कहा कि तथाकथित “लव जिहाद” कानून अवैध धर्मांतरण के लगभग 100 मामले सामने आने के बाद लाया गया है। आरोपियों की प्रेरणा और फंडिंग को समझने के लिए टीमों का गठन किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि कानून किसी विशेष समुदाय को टार्गेट नहीं करता।

सीएम ने कहा ” केरल उच्च न्यायालय ने 2009 में लव जिहाद के बारे में बात की और कहा था कि लव जिहाद केरल जैसे राज्य को इस्लामिक राज्य में बदलने की साजिश का हिस्सा है। बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने इस संबंध में आदेश दिया था। यूपी में जिस तरह की साजिशें हो रही हैं, उसे दर्शाने वाले सभी तथ्य और दस्तावेज हमने अदालत को उपलब्ध कराए हैं।”

योगी ने आगे कहा “क्या हम मेरठ की उस घटना को भूल सकते हैं जिसमें एक अब्दुल्ला ने खुद को अमित बताकर एक हिंदू महिला से शादी की। बाद में उसने उसकी संपत्ति ले ली, और उसे और उसकी बेटी को मार डाला।”

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