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नोएडा: माओवादियों से संपर्क के शक में डीयू प्रोफेसर के घर छापा, पुलिस से पूछा सवाल- बिन वॉरंट क्यों आए?

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने बाबू के आवास पर मारे गए छापों की निंदा की है। डूटा ने एक बयान में कहा, ‘‘बगैर तलाशी वॉरंट के इस तरह के छापे लोकतंत्र की मूल भावना, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ हैं।’’

Author नोएडा | Published on: September 11, 2019 2:22 PM
सांकेतिक चित्र (फोटो सोर्स-इन्डियन एक्सप्रेस)

उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहने वाले एक प्रोफेसर के घर पर पुणे पुलिस ने छापा मारा। प्रोफेसर दिल्ली यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं। पुलिस का दावा है कि कथित तौर पर उनके संबंध माओवादियों से हैं। इस संबंध में 2017 से एलगार परिषद मामला भी चल रहा है, जिसके तहत मंगलवार (10 सितंबर) को यह कार्रवाई की गई। पुणे के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) शिवाजी पवार ने कहा कि दिल्ली से लगे नोएडा के सेक्टर 78 स्थित बाबू के घर में तलाशी के दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं की गई।

जानकारी के मुताबिक, हनी बाबू (45) दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में अंग्रेजी पढ़ाते हैं। एसीपी पवार ने बताया, ‘‘हमने पुणे के विश्रामबाग पुलिस थाने में दर्ज एलगार परिषद से संबंधित मामले के सिलसिले में नोएडा स्थित बाबू के घर पर छापा मारा। पुलिस ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।’’ बता दें कि पुणे के विश्रामबाग पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120 बी (आपराधिक साजिश रचने), 121 और 121ए (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना या इसकी कोशिश करना), 124 ए (राजद्रोह) सहित अन्य के तहत दर्ज मामले के संबंध में बाबू के आवास पर छापे मारे गए।

प्रोफेसर बाबू ने आरोप लगाया कि पुलिस के पास तलाशी वॉरंट नहीं था। उन्होंने उनकी बेटी व पत्नी के फोन जब्त कर लिए थे और उन्हें मित्रों से संपर्क करने से रोक दिया। हनी बाबू ने कहा, ‘‘अधिकारी मेरे घर में घुसे और मेरे अपार्टमेंट के हर कमरे की तलाशी ली। तलाशी 6 घंटे तक चली, जिसके बाद उन्होंने मेरा लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पैन ड्राइव और पुस्तकें जब्त कर लीं। साथ ही, मेरे सोशल मीडिया अकाउंट्स और ईमेल अकाउंट्स का पासवर्ड बदलवाया।’’ प्रोफेसर की पत्नी जेनी रोवेना ने कहा कि छापे के बाद वे भयभीत हैं। बता दें कि जेनी डीयू के मिरांडा हाउस कॉलेज में अंग्रेजी पढ़ाती हैं।

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जेनी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘जब सुबह 6:30 बजे पुलिस वाले आए, तब हम गहरी नींद में सो रहे थे। उन्होंने हमसे कहा कि इस मामले में तलाशी वॉरंट की जरूरत नहीं है। उन्होंने हमें कुछ केस नंबर बताए और फिर कहा कि यह रोना विल्सन मामले से जुड़ा है।’’ विल्सन उन पांच वामपंथी कार्यकर्ताओं में शामिल हैं, जिन्हें माओवादियों से करीबी संपर्क रखने के आरोप में जून 2018 में गिरफ्तार किया गया था।

जेनी ने बताया, ‘‘हमारे पास तीन कमरों में पुस्तकें रखी हुई हैं। उन्होंने किताबों के भी वीडियो बनाए। 6 घंटे बाद उन्होंने कहा कि आप अब कोरेगांव भीमा मामले में संदिग्ध हैं।’’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘पुणे पुलिस ने कहा कि हनी बाबू कोरेगांव भीमा मामले में संलिप्त हैं और इस वजह से वे बगैर वॉरंट के उनके घर की तलाशी ले सकते हैं। उन्होंने छह घंटे तक तलाशी ली, वे तीन पुस्तकें, लैपटॉप, फोन, हार्ड डिस्क ले गए।’’ नोएडा पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके आवास पर सिर्फ तलाशी और संदिग्ध सामग्री जब्त करने का अभियान चलाया गया।

गौतम बुद्ध नगर के एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा, ‘‘पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। तलाशी के कारण उन्हें अंग्रेजी में बताए गए। साथ ही, जब्ती का पंचनामा पावती के साथ दिया गया।’’ एसएसपी ने बताया कि बाबू उस दौरान घर पर ही मौजूद थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया। पुणे पुलिस की टीम में पवार के अलावा अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी एवं साइबर विशेषज्ञ शामिल थे। वहीं नोएडा पुलिस ने साजो सामान से मदद मुहैया की। जब्त की गई सामग्रियों का ब्योरा अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है।

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने बाबू के आवास पर मारे गए छापों की निंदा की है। डूटा ने एक बयान में कहा, ‘‘बगैर तलाशी वॉरंट के इस तरह के छापे लोकतंत्र की मूल भावना, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ हैं।’’ डूटा ने कहा, ‘‘हम असहमति की आवाज के प्रति इस तरह से खुल्लमखुल्ला धमकाने वाले रवैये को फौरन खत्म करने की मांग करते हैं।’’ वहीं, आरएसएस से संबद्ध राष्ट्रीय लोकतांत्रिक शिक्षक मोर्चा के सदस्य रासल सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘डीयू का अंग्रेजी विभाग इस तरह की राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का केंद्र बन गया है।’’

बता दें कि कोरेगांव भीमा युद्ध की 200वीं वर्षगांठ से पहले पुणे के ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा में 31 दिसंबर 2017 को एलगार परिषद का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषणों की वजह से जिले के कोरेगांव-भीमा गांव के आसपास एक जनवरी 2018 को जातीय हिंसा भड़क गई, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई और कई घायल हो गए। पुलिस इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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