ताज़ा खबर
 

हड़ताल पर बैठे डीटीसी कर्मचारियों ने दी चेतावनी

डीटीसी कॉन्ट्रैक्ट एंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष वाल्मीकि झा ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री से केवल एक ही सवाल है कि क्या कभी परिवहन मंत्री अशोक गहलोत ने सोचा कि डीटीसी में हड़ताल क्यों हुई। उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी भूखे मरने लगे तब ये आंदोलन शुरू हुआ, जब सरकार ने पूंजीपतियों के दबाव में आकर दिल्ली के हर मजदूर की तनख्वाह कम कर दी तो डीटीसी कर्मचारियों ने आंदोलन किया।

Author November 28, 2018 7:51 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (फाइल फोटो)

एक महीने से ज्यादा समय से हड़ताल पर बैठे दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के अनुबंधित कर्मचारियों के संगठन ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सोमवार को विधानसभा में दिए गए बयान का खंडन किया है। डीटीसी कॉन्ट्रैक्ट एंप्लाइज यूनियन ने मंगलवार को दिल्ली सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगें नहीं मानीं तो अब यह आंदोलन इंद्रप्रस्थ से चलकर दिल्ली की जनता के घरों तक जाएगा और सरकार की नीतियों की सच्चाई का खुलासा करेगा। डीटीसी कॉन्ट्रैक्ट एंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष वाल्मीकि झा ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री से केवल एक ही सवाल है कि क्या कभी परिवहन मंत्री अशोक गहलोत ने सोचा कि डीटीसी में हड़ताल क्यों हुई। उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी भूखे मरने लगे तब ये आंदोलन शुरू हुआ, जब सरकार ने पूंजीपतियों के दबाव में आकर दिल्ली के हर मजदूर की तनख्वाह कम कर दी तो डीटीसी कर्मचारियों ने आंदोलन किया।

जब चार साल में दिल्ली सरकार जनता के लिए एक भी बस नहीं लाई तो आवाज उठाई गई। वाल्मीकि झा ने जोर देकर कहा कि दिल्ली सरकार केवल निजी क्लस्टर बसें ही मंगा रही है। निगम में बसें क्यों नहीं मंगाई जा रहीं? उन्होंने सवाल किया कि सरकार को ऐसा क्या फायदा हो रहा है इन निजी मालिकों से कि वह दिल्ली की महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है? उन्होंने कहा कि सरकार शायद निर्भया कांड भूल गई है इसलिए निजी बसों को बढ़ावा दे रही है जबकि इन क्लस्टर बसों में रोजाना महिलाओं के साथ गंदी हरकतें की जाती हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App