दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने राजधानी में महिला बस यात्रियों के लिए “पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड” शुरू किया है, जिससे महिलाएं मुफ्त में बस यात्रा कर सकें। यह योजना शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 5.56 लाख स्मार्ट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। लेकिन आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इनमें से केवल 5 से 6 प्रतिशत महिलाएं ही इस कार्ड का इस्तेमाल कर रही हैं, यानी करीब 6,000 से 8,000 महिलाएं ही इसका उपयोग कर रही हैं।

यह योजना 2 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुरू की थी। इसका उद्देश्य पुराने ‘पिंक टिकट’ सिस्टम को बदलकर केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ योजना के तहत नया पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) लागू करना था। इस बदलाव का मकसद यह भी था कि केवल दिल्ली में रहने वाली 12 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं ही मुफ्त यात्रा का लाभ ले सकें।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च के बाद कहा था कि पिंक टिकट को तीन महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अभी भी बहुत सी महिलाएं पुराने पिंक टिकट से ही यात्रा कर रही हैं और स्मार्ट कार्ड पर पूरी तरह शिफ्ट नहीं हुई हैं।

डीटीसी के अधिकारियों के अनुसार, रोजाना लगभग 23 लाख लोग बसों में यात्रा करते हैं, जिनमें 6 से 7 लाख महिलाएं होती हैं। लेकिन इनमें से आधी महिलाएं भी पिंक स्मार्ट कार्ड का उपयोग नहीं कर रही हैं। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अभी भी पिंक टिकट पर निर्भर हैं।

अब डीटीसी इस समस्या को समझने के लिए एक सर्वे करने की योजना बना रहा है। इस सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि महिलाएं कार्ड का उपयोग क्यों नहीं कर रही हैं। क्या उनके पास कार्ड नहीं है, क्या वे दूसरे राज्यों से हैं, या फिर बस कंडक्टर उन्हें कार्ड टैप करने के लिए नहीं कह रहे हैं।

इसके अलावा बसों में अचानक जांच भी की जाएगी ताकि यह देखा जा सके कि कंडक्टर सही तरीके से कार्ड का उपयोग करवा रहे हैं या नहीं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सर्वे अगले महीने शुरू होगा। इसके बाद जुलाई से इस कार्ड से मुफ्त यात्रा को अनिवार्य किया जा सकता है और धीरे-धीरे पिंक टिकट बंद किए जाएंगे। मई और जून में तेज गर्मी को देखते हुए अभी इसे अनिवार्य नहीं किया गया है, लेकिन जल्द ही जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना 2019 में आम आदमी पार्टी सरकार ने शुरू की थी। अब तक इस योजना के तहत 150 करोड़ से अधिक पिंक टिकट जारी हो चुके हैं। सरकार ने 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 450 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि डीटीसी को अब तक लगभग 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, इसलिए सरकार टिकटिंग सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाने की योजना पर काम कर रही है।

यह भी पढ़ें: ‘दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये कब मिलेंगे’ आतिशी ने लगाया पीएम मोदी पर वोट के लिए धोखा देने का आरोप

आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने महिलाओं को 2500 रुपये हर महीने देने के बीजेपी के वादे पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा आतिशी ने आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने को ‘असंवैधानिक’ करार दिया। आतिशी ने कहा, ”आज दिल्ली विधानसभा का एकदिवसीय सत्र है और इस सत्र की शुरुआत होने से पहले हम भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली सरकार और बीजेपी के सबसे शीर्ष नेता और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से यह पूछना चाहते हैं कि दिल्ली की महिलाओं के 2500 रुपये कब आएंगे? पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक