राजधानी के उत्तरी निगम के तीन लाख बच्चों को 17 महीने से नहीं दिया गया सूखा राशन, दिल्ली बाल अधिकार आयोग गंभीर, नोटिस भेजकर मांगा जवाब

अन्य निगमों व दिल्ली सरकार के स्कूलों को इस समयसीमा के दौरान यह राशन मिलता रहा है, लेकिन उत्तरी निगम ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की। इस बात के प्रमाण सामने आए हैं कि निगम ने बच्चों के लिए तैयार किया गया राशन नहीं लिया है।

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दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि दुखद है कि MCD कर्मियों को सैलरी के लिए भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

दिल्ली के तीन लाख बच्चों को बीते कई माह से सूखा राशन नहीं मिला है। ये बच्चे उत्तरी निगम के स्कूलों में पढ़ते हैं। इस मामले में दिल्ली बाल अधिकार आयोग (डीसीपीसीआर) ने उत्तरी निगम को नोटिस जारी किया है। नोटिस में निगम को दो सप्ताह का समय दिया और जवाब मांगा है। मामले में जारी किए गए नोटिस में डीसीपीसीआर ने पूछा है कि क्यों न निगम के खिलाफ बाल अधिकार हनन मामले में कार्रवाई की जाए।

यह नोटिस डीसीपीसीआर की सदस्य रंजना प्रसाद ने जारी किया गया। मामले में आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। मामले में कहा गया है कि करीब 17 माह से अधिक का समय हो गया है और बच्चों को अल्पाहार सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। मामले में अदालत द्वारा स्वत: संज्ञान लिए मामले की भी जानकारी दी गई है। इस मामले में केंद्र सरकार के उन आदेशों का भी हवाला दिया गया है जिसमें जुलाई से दिसंबर 2020 व जनवरी से मार्च 2021 में सूखा राशन जारी करने के आदेश दिए गए थे।

बताया जा रहा है कि अन्य निगमों व दिल्ली सरकार के स्कूलों को इस समयसीमा के दौरान यह राशन मिलता रहा है, लेकिन उत्तरी निगम ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की। इस बात के प्रमाण सामने आए हैं कि निगम ने बच्चों के लिए तैयार किया गया राशन नहीं लिया है। इस वजह से बच्चों तक राशन नहीं पहुंचा है, जो बच्चों के लिए स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर स्थिति है। इस लापरवाही को देखते हुए आयोग ने मामले की जांच करने का फैसला लिया है।

खेल को पढ़ाई का दर्जा देना है : सिसोदिया
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली खेल विश्वविद्यालय खेल को लेकर ऐसा वातावरण तैयार करेगी कि देश का हर एक आदमी खेल को भी पढ़ाई मानेगा। उन्होेंने खेल विश्वविद्यालय बोर्ड की पहली बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय दिल्ली में पदक लाने वालों और विश्व चैंपियन खिलाड़ियों की फैक्टरी बनेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का विजन है कि देश की आजादी के 100वें साल में जाने से पहले दिल्ली ओलंपिक खेलों का आयोजन करे।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस विश्वविद्यालय को शुरू करने का हमारा मकसद खेल को पढ़ाई का दर्जा देना है। इस मौके पर विश्वविद्यालय उपकुलपति कर्णम मल्लेश्वरी ने कहा कि देश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उनकी प्रतिभा को और निखार कर पदक जीतने लायक बनाने के लिए उन्हें केवल थोड़ा सहयोग देने की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के बोर्ड में कुल 15 सदस्य हैं।

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