ताज़ा खबर
 

ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन को भारत में एडवांस ट्रायल की अनुमति, फेज 2 और 3 के ट्रायल का रास्ता साफ

ऑक्सफोर्ड कैंडीडेट को कोविड-19 वैक्सीन के परीक्षण में दुनिया में सबसे आगे माना जा रहा है। ऑक्सफोर्ड इसे दवा कंपनी मॉडर्ना और अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज और बायोएनटेक और फाइजर के साथ मिलकर विकसित कर रहा है।

Author , Translated By Anil Kumar नई दिल्ली, पुणे | Updated: August 4, 2020 8:28 AM
oxford vaccineतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

भारत ने ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन के एडवांस ट्रायल की मंजूरी दे दी है। शीर्ष ड्रग रेगुलेटर ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोविड -19 वैक्सीन के लिए देश में मानव परीक्षण करने संबंधी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के आवेदन को मंजूरी दे दी है।

ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं ने पिछले महीने घोषणा की कि उनके कैंडिडेट ने प्रारंभिक परीक्षण में नोवल कोरोनवायरस के खिलाफ मनुष्यों में प्रतिरोधक को बढ़ाया था। ऑक्सफोर्ड कैंडीडेट को कोविड-19 वैक्सीन के परीक्षण में दुनिया में सबसे आगे माना जा रहा है। ऑक्सफोर्ड इसे दवा कंपनी मॉडर्ना और अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज और बायोएनटेक और फाइजर के साथ मिलकर विकसित कर रहा है।

टीके की दुनिया के सबसे बड़े निर्माता SII ने निम्न और मध्यम आय वाले देशों के लिए कोविड -19 वैक्सीन का निर्माण करने के लिए स्वीडिश-ब्रिटिश फार्मा दिग्गज एस्ट्राजेनेका के साथ AstraZeneca के साथ करार किया है। वैक्सीन का यूके, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में पहले से ही परीक्षण किया जा रहा है। इन देशों में प्रतिभागियों को लगभग एक महीने में दो खुराक दी जा रही है।

Coronavirus in India Live Updates

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) के प्रमुख ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से यह मंजूरी शुक्रवार को एक विशेषज्ञ समिति द्वारा SII द्वारा प्रस्तुत संशोधित प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद आई। संस्थान अब भारत के कैंडिडेट का बड़े स्तर पर फेज II / III की टेस्टिंग को शुरू कर सकता है।

देश में भारत बायोटेक के कोवाक्सिन और Zydus Cadila के ZyCov-D की वैक्सीन का भी अभी फेज I / II की टेस्टिंग चल रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि कोविशिल्ड के लिए टेस्ट की जा रही वैक्सीन को तकनीकी रूप से AZD1222 या ChAdOx 1 nCoV-19 के नाम से जाना जाता है। इसमें देश भर में 18-स्थानों पर लगभग 1,600 प्रतिभागी शामिल हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को कहा, “यह (डीसीजीआई क्लीयरेंस) कोविड -19 वैक्सीन के विकास को तेज करेगा।” परीक्षण स्थलों में संभवतः राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन और ग्रैंड चैलेंज इंडिया प्रोग्राम, सरकार और बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के बीच एक साझेदारी द्वारा पहचाने जाने वाले स्थान शामिल होंगे।

इनमें पलवल, हरियाणा में INCLEN ट्रस्ट इंटरनेशनल, पुणे में केईएम अस्पताल, हैदराबाद में सोसाइटी फॉर हेल्थ एलाइड रिसर्च एंड एजुकेशन, चेन्नई में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी और वेल्लोर में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 राम मंदिरः जिन्हें मिला है न्यौता, सिर्फ वे ही अयोध्या आएं, बाकी घरों पर दीप जलाएं- बोले CM योगी
2 गुजरातः अहमदाबाद में महिला ने पति को तीन बार कहा- तलाक, 3 बच्चों संग छोड़ा घर
3 सामने आया रामजन्म भूमि पूजन समारोह का कार्ड, पीएम मोदी के अलावा इन तीन लोगों के हैं नाम
राशिफल
X