हरियाणा में लगातार हो रहे बैंक घोटाले के बाद सरकार सतर्क हो गई है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक तंत्र को सतर्क करते हुए वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों को निजी व्यक्तियों से संपर्क और व्यवहार को लेकर खुद की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए व्यक्तिगत और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल जरूरी हैं।

प्रस्तावित नई एसओपी के तहत अधिकारियों को अब रिकॉर्ड में किसी निजी व्यक्ति या संस्था से पहली मुलाकात का संक्षिप्त विवरण दर्ज करना होगा। आवश्यक हो तो ईमेल-आधिकारिक माध्यम से ही संवाद किया जा सकेगा। अज्ञात नंबर से आए काल या मैसेज की सत्यता की पहचान करनी होगी।

प्रस्तावित एसओपी के अनुसार संवेदनशील जानकारी केवल आधिकारिक माध्यम से साझा की जाएगी। मौखिक सिफारिश की बजाय लिखित या आधिकारिक आदेश की मांग की जाएगी। कोई भी निर्णय करने से पहले संबंधित नियम और फाइल नोटिंग की अनिवार्यता का पालन करना होगा। किस प्रकार के बाहरी संपर्क ज्यादा जोखिम वाले हैं, इसका आकलन करना होगा। नियमित अंतराल पर कर्मचारियों को जागरूकता प्रशिक्षण देना अनिवार्य होगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों या सतर्कता विभाग को सूचना दी जाएगी।

आइएएस अधिकारियों से कहा गया है कि वह किसी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति के साथ फोटो न खिंचवाएं। ऐसी तस्वीरों का दुरुपयोग निकटता दिखाने के लिए किया जा सकता है। बिना सत्यापन के निमंत्रण या उपहार स्वीकार न करें। निजी कार्यक्रमों या उपहारों को स्वीकार करने से हितों का टकराव बन सकता है। अनौपचारिक सिफारिशों पर तुरंत कार्रवाई न करें। व्यक्तिगत मोबाइल या इंटरनेट मीडिया पर संवेदनशील चर्चा न करें। आधिकारिक मामलों के लिए केवल सरकारी चैनल का उपयोग करें।

हरियाणा में पिछले दिनों में करीब 750 करोड़ रुपए के दो बैंक घोटाले सामने आ चुके हैं। 590 करोड़ रुपए के आइडीएफसी बैंक घोटाले की जांच सरकार जहां सीबीआइ को सौंप चुकी है, वहीं प्रशासनिक तंत्र को भी सचेत कर दिया गया है। स्पष्ट है कि अधिकारियों ने निजी बैंकों से व्यक्तिगत लाभ उठाने के चक्कर में सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया। बैंक अधिकारियों ने इन्हीं प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी पैसे को इधर से उधर घुमाया। हरियाणा सरकार ने अब अधिकारियों को निजी व्यक्तियों से संपर्क को लेकर खुद की एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

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हरियाणा सरकार ने जहां नए शिक्षा सत्र के दौरान अभिभावकों पर किताबें तथा वर्दी खरीद के लिए दबाव बनाने वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं, वहीं स्कूली बच्चों को बस्ते के भार से भी मुक्ति देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से पहली से दूसरी कक्षा तक 1.5 किलोग्राम वजन निर्धारित किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…