गुरुग्राम के पॉश इलाके ‘डीएलएफ कैमलियाज’ से घरेलू सहायिका के साथ मारपीट का एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। करीब दो मिनट के इस वीडियो में एक महिला कथित तौर पर अपनी हाउस हेल्प को खींचते, थप्पड़ मारते और उसके बाल पकड़कर घसीटते हुए दिखाई दे रही है। पुलिस के मुताबिक, घटना 24 जुलाई की है।
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता एएसआई संदीप कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सेक्टर-42 स्थित द कैमलियाज अपार्टमेंट में एक महिला को दूसरी महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट करते देखा गया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वीडियो में दिखाई दे रही महिला आरोपी की घरेलू सहायिका थी।
52 वर्षीय महिला पर हाउस हेल्प से मारपीट का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला की पहचान 52 वर्षीय रुचिरा सचदेवा के रूप में हुई है। एएसआई संदीप कुमार ने कहा कि सचदेवा जांच में शामिल हो चुकी हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सोमवार को थाने से जमानत दे दी गई।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कथित मारपीट काम को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी। पुलिस के मुताबिक, घरेलू सहायिका ने 27 जुलाई को नौकरी छोड़ दी थी। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
करीब दो मिनट के इस वीडियो को किसी दूसरे अपार्टमेंट से रिकॉर्ड किया गया प्रतीत होता है। इसमें एक युवा महिला को दूसरी महिला कथित तौर पर खींचती, मुक्का मारती और बाल पकड़कर घसीटती दिखाई देती है। यह घटना एक किचन जैसी जगह में होती नजर आती है।
वीडियो में एक महिला की आवाज नेपाली भाषा में सुनाई देती है। वह कहती है कि महिला ने घरेलू सहायिका को थप्पड़ मारा है और अगर वह उसकी जगह होती तो इसका जवाब देती। वीडियो के अंत में हाउस हेल्प अकेली खड़ी दिखाई देती है और काफी परेशान नजर आती है। इसके बाद आवाज आती है कि इस घटना का वीडियो बना लिया गया है और इसके परिणाम भुगतने होंगे।
दो हफ्ते से व्हाट्सऐप ग्रुप में घूम रहा था वीडियो
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, द कैमलियाज के निवासियों ने बताया कि कथित मारपीट का वीडियो करीब दो सप्ताह से सोसायटी के निवासियों के व्हाट्सऐप ग्रुप में प्रसारित हो रहा था।
द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना का संज्ञान लेकर जांच शुरू की गई है। वहीं, आरोपी महिला के परिवार की ओर से उसके पति से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। परिवार के एक सदस्य ने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
परिवार की ओर से अधिवक्ता वैभव सूरी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि कथित घटना के अगले दिन घरेलू सहायिका ने गुरुग्राम साइबर सेल में वीडियो के कथित तौर पर ‘अवैध’ तरीके से व्हाट्सऐप पर प्रसारित किए जाने को लेकर एक ‘रिप्रेजेंटेशन’ दिया था।
वकील ने कहा कि यह एफआईआर नहीं बल्कि हाथ से लिखी गई शिकायत थी, जिस पर उनकी मुवक्किल सचदेवा ने भी अपनी सहमति जताई थी। शिकायत में वीडियो को व्हाट्सऐप चैट से हटाने की मांग की गई थी।
नौकरानी ने कहा- नहीं चाहती कानूनी कार्रवाई
द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, दो पन्नों की इस हस्तलिखित शिकायत में हाउस हेल्प ने आरोप लगाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने वीडियो प्रसारित किया है। उसने सोशल मीडिया से वीडियो हटाने की मांग की और कहा कि वह कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती।
शिकायत में घरेलू सहायिका ने कथित तौर पर कहा कि उसका चेहरा इस तरह कहीं दिखाई नहीं देना चाहिए। उसने सचदेवा परिवार को अपना समर्थन देने की बात भी कही। साथ ही, उसने कहा कि अगर कोई तीसरा व्यक्ति इस मामले में शिकायत दर्ज कराता है तो वह अपना बयान देकर शिकायत खत्म कराने में मदद करेगी।
वन स्टॉप सेंटर की अपील पर पहुंची पुलिस टीम
गुरुग्राम वन स्टॉप सेंटर की ओर से आग्रह किए जाने के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों के लिए काम करने वाली दुर्गा शक्ति पीसीआर की टीम रविवार को सचदेवा परिवार के 27वीं मंजिल स्थित घर पहुंची।
हरियाणा सरकार की पहल के तहत संचालित गुरुग्राम वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी पिंकी मलिक ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि घरेलू सहायिका ने मामले में आगे कार्रवाई नहीं करने की इच्छा जताई थी। ऐसे में मामला स्वाभाविक रूप से बंद हो सकता था। हालांकि, अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, इसलिए आगे की प्रक्रिया जांच के आधार पर होगी।
द इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि एक दूसरे वीडियो में पीसीआर टीम को अपार्टमेंट के दरवाजे पर पहुंचते देखा जा सकता है। इसमें एक व्यक्ति पुलिस अधिकारियों से बात करता हुआ सुनाई देता है। पिंकी मलिक के मुताबिक, वह सचदेवा के पति नीरज सचदेवा थे।
मलिक के अनुसार, व्यक्ति ने अधिकारियों को बताया कि उसकी पत्नी गुस्से में आ गई थी और उसने घरेलू कामगार को थप्पड़ मार दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि हाउस हेल्प करीब 15 दिन पहले घर छोड़ चुकी थी और परिवार ने पहले ही स्थानीय पुलिस थाने में उसका लिखित स्पष्टीकरण जमा कर दिया था, ताकि किसी संभावित कानूनी कार्रवाई को रोका जा सके।
पिंकी मलिक ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि टीम का उद्देश्य घरेलू सहायिका को वहां से सुरक्षित निकालना था, लेकिन मौके पर पहुंचने पर पता चला कि वह पहले ही घर छोड़ चुकी थी। टीम रविवार करीब तीन बजे वहां पहुंची थी।
दिल्ली-NCR की सबसे महंगी रिहायशी सोसायटियों में शामिल है द कैमलियाज
द कैमलियाज गुरुग्राम की सबसे आलीशान रिहायशी परियोजनाओं में से एक है। द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, द कैमलियाज के साथ द अरालियाज और द मैगनोलियाज भी दिल्ली-NCR की बेहद महंगी और हाई-प्रोफाइल रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज में शामिल हैं।
द कैमलियाज में एक कॉन्डोमिनियम कॉम्प्लेक्स की कीमत 75-80 करोड़ रुपये या उससे अधिक हो सकती है। यहां कई हाई-प्रोफाइल लोग रहते हैं। ऐसे में इस पॉश सोसायटी से घरेलू सहायिका के साथ कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
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