अब 62 नहीं 65 की उम्र में रिटायर होंगे डॉक्टर, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी - Jansatta
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अब 62 नहीं 65 की उम्र में रिटायर होंगे डॉक्टर, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने पंजाब में सालाना भुगतान की मिलीजुली योजना के तहत 2,070 करोड़ रुपए की राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दे दी है।

Author नई दिल्ली | June 16, 2016 1:29 AM
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा में स्वास्थ्य विशेषज्ञों को बनाए रखने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु को वर्तमान 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस पहल से मरीजों की देखरेख, अकादमिक गतिविधियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी । स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा के तहत अभी करीब 4,000 डॉक्टर हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले कहा था कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा के सभी डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु को 65 वर्ष करने का निर्णय किया है। यह 31 मई 2016 से प्रभावी होगा । देश में डॉक्टरों की कमी का उल्लेख करते हुए मोदी ने सहारनपुर में 26 मई को एक रैली में इनके सेवानिवृत्ति की आयु को बढ़ाने की घोषणा की थी। मोदी ने कहा था कि देश में अधिक संख्या में डॉक्टरों की जरूरत है।

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निगम (हुडको) में 10 फीसद हिस्सेदारी के विनिवेश को भी बुधवार को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने हुडको की चुकता शेयर पूंजी के 10 फीसद हिस्से के विनिवेश को मंजूरी दे दी है।

सीसीईए ने खुदरा निवेशकों व हुडको कर्मचारियों को निर्गम मूल्य पर 5.0 फीसद तक छूट देने की मंजूरी दे दी है। वास्तविक छूट की मंजूरी अधिकारियों की उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) की सिफारिशों के आधार पर वैकल्पिक व्यवस्था द्वारा दी जाएगी। 31 मार्च 2015 की स्थिति के अनुसार हुडको की चुकता इक्विटी पूंजी 2,001.90 करोड़ रुपए थी। कंपनी का नेटवर्थ 7,800 करोड़ रुपए था। हुडको के शेयर का अंकित मूल्य फिलहाल 10 रुपए है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 56,500 करोड़ रुपए का विनिवेश लक्ष्य रखा है। अनुमान है कि इसमें से 36,000 करोड़ रुपए सार्वजनिक उपक्रमों में अल्पांश हिस्सेदारी की बिक्री व 20,500 करोड़ रुपए रणनीतिक बिक्री के जरिए आएंगे।

मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी के श्रमिकों की नियुक्ति के लिए भारत व सऊदी अरब के बीच श्रम सहयोग पर करार को भी मंजूरी दे दी है। इस करार से भारत के वहां जाकर काम करने वाले श्रमिकों को लाभ होगा। विशेष रूप से अकुशल, अर्द्धकुशल व कुशल श्रेणी में। यह करार पहले हो चुका है और अब इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है। इस करार पर प्रधानमंत्री की सऊदी अरब यात्रा के दौरान रियाद में 2-3 अप्रैल, 2016 को दस्तखत हुए थे।

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने पंजाब में सालाना भुगतान की मिलीजुली योजना के तहत 2,070 करोड़ रुपए की राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दे दी है। इससे चंडीगढ़ और लुधियाना के बीच यातायात की तेजी से आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि यह परियोजना चंडीगढ़-लुधियाना खंड का हिस्सा है। कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजमार्ग 95 (नए एनएच5) पर खरार से लुधियाना खंड को छह-चार लेन करने की मंजूरी दी है।

इस 76 किलोमीटर के राजमार्ग के रास्ते का निर्माण 2,069.70 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। इसके लिए 383.22 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसमें से अधिकांश भूमि का अधिग्रहण हो गया है। शेष 145 हेक्टेयर का भी जल्द अधिग्रहण कर लिया जाएगा। फिलहाल यह राजमार्ग दो लेन का है। मंत्री ने बताया कि इस परियोजना को 30 महीने में पूरा किया जाना है। इसमें से 54 किलोमीटर को चौड़ाकर छह लेन का किया जाएगा और शेष 22 किलोमीटर को चार लेन का किया जाएगा।

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