गुजरात में एक डॉक्टर ने तेंदुए के हमले में अपने पालतू कुत्ते को खो दिया। सतर्क कुत्ते ने तेंदुए के बारे में कर्मचारियों को तो अलर्ट किया लेकिन वे उसे खोले बिना ही भाग निकले। जिसके चलते जर्मन शेफर्ड कुत्ता तेंदुए से लड़ते हुए मारा गया।

गुजरात के नवसारी जिले के डॉ विशाल पटेल के लिए उनका प्यारा डॉग नेक्टर एक बच्चे की तरह था। हर शाम, अस्पताल से लौटने के बाद डॉक्टर नेक्टर के साथ खेलते थे। सोमवार की रात को डॉक्टर ने अपने कुत्ते को खो दिया। उनके प्यारे नेक्टर को एक तेंदुए ने मार डाला जो आम के बाग में घुस गया था। उनका जर्मन शेफर्ड कुत्ता तेंदुए से लड़ते हुए मारा गया जिसे वह डॉक्टर के तीन कर्मचारियों के लिए खतरा मान रहा था जो पास ही में खाटों पर सो रहे थे।

बाग की देखभाल करने वालों को कुत्ते ने बचाया

डॉ पटेल का आम का बाग नवसारी जिले के चिखली तालुका के गोधवानी गांव में स्थित है। बाग की देखभाल करने वाले तीन युवक ने उन्हें बताया कि वे नेक्टर को एक पलंग से बांधकर सो रहे थे। तेंदुआ सोते हुए उन लोगों के पास आया और नेक्टर ने उनकी रक्षा के लिए छलांग लगा दी। डॉ. पटेल ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “नेक्टर को एक चारपाई से जंजीर से बांधा गया था जिस पर एक कर्मचारी क्रुणाल पटेल सो रहा था। तेंदुआ पास के एक खेत से निकला और चारपाई की ओर रेंगता हुआ आया। नेक्टर ने जंगली जानवर को देखा और उसे देखते हुए गुस्से से भौंका।”

डॉ. पटेल ने बताया, “नेक्टर के भौंकने से तीनों देखभालकर्ता जाग गए और वे किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचने में कामयाब रहे लेकिन तेंदुए ने नेक्टर पर हमला कर उसे घायल कर दिया और फिर अंधेरे में भाग गया।” नेक्टर की पसलियों और छाती में गंभीर चोटें आईं जहां तेंदुए ने उसके शरीर से मांस के टुकड़े नोच डाले। डॉ पटेल ने कहा, “अगर नेक्टर वहां नहीं होता तो तीनों देखभालकर्ताओं, केतन पटेल, क्रुणाल पटेल और हरेश भोया की जान खतरे में पड़ जाती।”

तेंदुए के हमले में बुरी तरह घायल हुआ कुत्ता

आम के बाग में हुए हमले के बाद डॉ पटेल ने वन विभाग को सूचना दी। चिखली के वन अधिकारी किशोर पटेल ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “सूचना मिलते ही हम आम के बाग पहुंचे और वहां हमें तेंदुए के पैरों के निशान मिले। हमने बाग के मालिक डॉ विशाल पटेल से बात की जिन्होंने अपने पालतू कुत्ते नेक्टर और तेंदुए के बीच हुई लड़ाई की कहानी सुनाई।”

किशोर पटेल ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों ने उस भयंकर लड़ाई में जर्मन शेफर्ड कुत्ते को लगी चोटों को भी देखा था। वन विभाग के अधिकारी ने कहा, “हमने नेक्टर के शरीर पर चोटें देखी हैं और यह पुष्टि हो गई है कि दोनों जानवरों के बीच भीषण लड़ाई हुई थी। हमने पिंजरा लगा दिया है और तेंदुए को पकड़ने की उम्मीद है। हमने डॉ. पटेल को अतिरिक्त सावधानी बरतने और उसके देखभालकर्ताओं को खुले में सोने न देने की सलाह भी दी है।”

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