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तमिलनाडु में मजबूती से उपस्थिति दर्ज कराने में जुटी भाजपा, करुणानिधि के बेटे संग करेगी जुगलबंदी

अगर सब कुछ भाजपा की योजना के अनुसार होता है, तो अलगिरी के 21 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की संभावना है। दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने बैठक होगी।

Tamil Nadu, DMK, karunanidhi, alagiri, BJP, amit shahकेंद्रीय मंत्री अमित शाह (बाएं) और करुणानिधि के बड़े बेटे अलगिरी। (फाइल फोटो)

अभिनेता से राजनेता बनी खुशबू को अपने पाले में लाने के बाद, भाजपा की राज्य इकाई एक और प्रमुख चेहरे, दिवंगत एम. करुणानिधि के बड़े बेटे एम के अलागिरी और डीएमके अध्यक्ष एम स्टालिन के भाई का समर्थन प्राप्त करने की दिशा में काम कर रही है। तमिलनाडु में 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले, अलागिरी के साथ गठबंधन राज्य में व्यापक राजनीतिक मोर्चे को आकार दे सकता है।

राज्य भाजपा इकाई और अलागिरी कैंप के सूत्रों ने पुष्टि की कि गठबंधन वार्ता में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अगर सब कुछ राष्ट्रीय पार्टी की योजनाओं के अनुसार होता है, तो अलगिरी के 21 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने की संभावना है। भाजपा से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि यह दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने बैठक होगी। शाह 21 नवंबर को राज्य की दौरे पर चेन्नई पहुंचेंगे। इस संबंध में तमिलनाडु भाजपा प्रमुख एल मुरुगन से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि मुझे ऐसी किसी बातचीत की जानकारी नहीं है।

उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि वह इसकी पूछताछ करेंगे और इसकी (अलागिरी के प्रस्तावित राजनीतिक दल एनडीए गठबंधन में शामिल होने के संबंध) पुष्टि करेंगे। हालांकि, अलगिरी इस मामले पर प्रतिक्रिया देने उपलब्ध नहीं थे। उनके करीबी सूत्र ने कहा कि भाजपा उनके साथ कुछ समय से संपर्क में है।

बातचीत लंबे समय से हो रही है। यह एम के स्टालिन (डीएमके प्रमुख और अलागिरी के छोटे भाई) को कड़ा जवाब होगा, जिन्होंने पार्टी और परिवार में अपने बड़े भाई को दरकिनार कर दिया। साथ ही अलागिरी के लिए, यह एक अवसर है … आखिरी अवसर हो सकता है। सूत्र ने कहा कि अगर डीएमके विधानसभा चुनाव जीतती है तो उनके (अलागिरी) बिजनेस को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

सूत्रों के अनुसार, अलागिरि के नए राजनीतिक संगठन को ‘कलइगनर डीएमके’ या ‘केडीएमके’ कहा जा सकता है। अलागिरी के बेटे दयानिधि भी नई पार्टी का समर्थन कर सकते हैं। एक सूत्र ने कहा, “स्टालिन के बेटे उदयनिधि की तरह, जो DMK युवा विंग के प्रमुख हैं, दयानिधि ने भी KDMK में वही स्थान ले सकते हैं।

अलागिरी की मौजूदा योजनाओं के बारे में एक सूत्र ने कहा कि यदि शाह की चेन्नई की योजना में कोई बदलाव नहीं हुआ है, तो मदुरै में अलगिरी के लगभग 100-200 करीबी सहयोगियों की उपस्थिति में नई पार्टी की घोषणा करने का विचार है। अगले दिन अलगिरी शाह से मिल सकते हैं।

अलगिरी की अंतिम प्रमुख उपस्थिति सितंबर 2018 में थी, जब उन्होंने अपने पिता करुणानिधि की मृत्यु के 30 दिन बाद चेन्नई में एक रैली का आयोजन किया था। उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए 2014 में DMK से हटा दिया गया था।

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