कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के लिए चल रहे विवाद पर पूर्ण विराम लगाते हुए कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने गुरुवार को इस पद से इस्तीफा दे दिया। अब राज्य के सीएम पद की रेस में सबसे आगे कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार का नाम चल रहा है।

डीके शिवकुमार को उनके ज्योतिषी ने 5 जून 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की सलाह दी है। न्यूज चैनल एनडीटीवी से बातचीत में ज्योतिषी बेलूर द्वारकानाथ ने बताया है कि उन्हें कांग्रेस आलाकमान का प्लान नहीं पता है लेकिन उन्होंने डीके शिवकुमार को पांच जून को शपथ लेने की सलाह दी है। बेलूर द्वारकानाथ ने बताया कि उन्होंने 5 जून का दिन शपथग्रहण लिए चुना है। उन्होंने कहा कि इस दिन शुक्रवार है और दिसंबर के महीने तक यह सबसे शुभ तारीख है।

ज्योतिषी बोले- डीके को अपनी योग्यता साबित करनी है

बेलूर द्वारकानाथ ने आगे कहा, “साल 2028 में राज्य में चुनाव हैं और डीके को अपनी योग्यता साबित करनी है। वह मुख्यमंत्री के तौर पर चुनाव में उतरेंगे लेकिन उन्हें अपनी योग्यता, अपना राजनीतिक ज्ञान सबको साबित करना है और पार्टी को नए सिरे से खड़ा करना है। उन्हें पार्टी को आगे बढ़ाते हुए चुनाव जीतना है।”

डीके शिवकुमार के करीबी ने कहा, “डीके शिवकुमार नेतृत्व के एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के रूप में आगे का रास्ता उनके लिए चुनौतीपूर्ण होगा जिसमें कई चुनौतियां और राजनीतिक बाधाएं होंगी। उन्हें धैर्य, स्वच्छ शासन और निर्णायक नेतृत्व पर बल देना होगा, विशेष रूप से बेंगलुरु की नागरिक समस्याओं के समाधान और जनता के विश्वास को पुनः स्थापित करने के लिए।

मुझसे बात किए बिना वे कहीं नहीं जाते- द्वारकानाथ

वहीं, दूसरी ओर कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष के ज्योतिषी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कहा, “जब डीके शिवकुमार कई साल पहले मेरे पास आए थे तो उनके नक्षत्रों को देखकर मैंने कहा था कि उनके नक्षत्र बहुत शुभ हैं। निस्संदेह, भगवान ने उन्हें मुख्यमंत्री का पद कम से कम एक साल पहले ही दे दिया होता। मुझे यह स्वीकार करते हुए खेद है कि यह पिछले साल नहीं हुआ, अब हो रहा है। हालांकि इसमें देरी हुई है लेकिन भगवान किसी को नहीं रोकते, उन्हें वह मिल गया जो वे चाहते थे।”

द्वारकानाथ ने आगे कहा, “मुझसे बात किए बिना वे कहीं नहीं जाते। हर सुबह, सप्ताह में कम से कम तीन दिन, वे मुझसे जरूर बात करते हैं। मैं भी उनसे बात करता हूं, मैं उनसे बहुत स्नेह करता हूं, मैं उन्हें बेटे की तरह मानता हूं, वे दिल से अच्छे इंसान हैं। शायद वे थोड़े अटपटे या घमंडी, अकड़ू या अहंकारी दिखते हों लेकिन ऐसा नहीं है। सच्चाई यह है कि वे बहुत दयालु व्यक्ति हैं।”

मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी

मई 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी। तब पार्टी ने शिवकुमार को मना लिया और उन्हें उपमुख्यमंत्री बना दिया। उस समय खबरें आयी थीं कि ”बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनने के फार्मूले’ पर सहमति बनी है, जिसके तहत डीके शिवकुमार ढाई साल बाद मुख्यमंत्री बनेंगे लेकिन पार्टी या दोनों नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

गुरुवार को त्यागपत्र देने से पहले सिद्धारमैया ने अपने सरकारी निवास पर मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में मंत्रियों को पद छोड़ने के अपने फैसले से अवगत कराया और यह भी कहा कि कांग्रेस आलाकमान के निर्देशानुसार उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे।

हालांकि, प्रेसवार्ता में अगले मुख्यमंत्री के बारे में पूछे जाने पर सिद्धारमैया ने कहा, ”विधायक दल और आलाकमान जिसे भी मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करेंगे, वही राज्य का मुख्यमंत्री होगा।” शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बारे में पूछे जाने पर उनके भाई और पूर्व कांग्रेस सांसद डी.के. सुरेश ने कहा, “आइए हम सभी पार्टी के फैसले का इंतजार करें।”

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मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले सिद्धारमैया ने एक बड़ा दांव चला है। उन्होंने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ‘सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण रिपोर्ट’ को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें