चमोली जिले की एक अदालत ने कर्णप्रयाग में हुई मारपीट की घटना के बाद गिरफ्तार किए गए चार निहंग सिखों को शनिवार को जमानत दे दी। इन निहंग सिखों की रिहाई के लिए उनके साथी अड़े हुए थे। निहंग सिखों के नाम जशनप्रीत सिंह (23), अजय सिंह (23), सतविंदर सिंह (21) और मनप्रीत सिंह (21) हैं। ये सभी पंजाब के मोहाली के रहने वाले हैं। इन सभी पर बीएनएस की कई धाराएं लगाई गई थी।

निहंग सिखों की रिहाई की मांग को लेकर उनके साथियों ने हिमाचल प्रदेश के पावंटा साहिब गुरुद्वारे में भी डेरा डाल दिया था।

निहंग सिखों की जमानत होने के बाद माना जा रहा है कि उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से चल रहा टकराव अब खत्म हो सकता है।

पार्किंग को लेकर हुआ था विवाद

श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में 16 जून को मत्था टेककर वापस आ रहे कुछ निहंग सिखों का कर्णप्रयाग के बाजार में पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था। इस घटना में निहंग सिखों ने तलवार से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया था। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था।

निहंग सिखों के साथ ही कुछ सिख संगठनों का भी कहना था कि अगर इन चारों सिखों को जल्द रिहा नहीं किया गया तो वे उत्तराखंड कूच करेंगे। पिछले दिनों निहंग सिख जबरन उत्तराखंड में घुस गए थे जबकि वहां की पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी।

सीएम सैनी ने की धामी से बात

इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी दखल दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सचिव तरूण भंडारी ने बताया कि इस मामले में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री सैनी की मुलाकात हुई। इसके बाद सैनी ने उत्तराखंड के अपने समकक्ष पुष्कर सिंह धामी से बात की और उनसे इस मुद्दे का जल्द हल निकालने का आग्रह किया।

सैनी ने तरूण भंडारी को पावंटा साहिब गुरुद्वारे भेजा, जहां उन्होंने कई सिख जत्थों से मुलाकात की। उन्होंने सरकार का पक्ष रखा और इस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री की कोशिशों के बारे में बताया।

उत्तराखंड पुलिस के दो सीनियर अफसरों हरिद्वार के एसएसपी एनएस भुल्लर और अल्मोड़ा के एएसपी हरबंस सिंह ने भी पावंटा साहिब गुरुद्वारे में निहंग सिखों से मुलाकात की और इस गतिरोध को खत्म करने की मांग की। निहंग सिखों की रिहाई के बाद पुलिस एहतियात के तौर पर कर्णप्रयाग, चमोली सहित देहरादून में भी अलर्ट मोड पर है।

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उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच हुआ छोटा सा झगड़ा बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल बन गया है। पंजाब और उत्तराखंड दोनों राज्यों में अगले कुछ महीनों के भीतर विधानसभा के चुनाव होने हैं और उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार होने के चलते उसके सामने इस मामले में चुनौतियां ज्यादा हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।