UP News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी क्षेत्र में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में डॉ. भीम राव आंबेडकर की एक तस्वीर को लेकर हुए विवाद के बाद कथित तौर पर प्रिसिंपल का नाबालिग लड़कों की भीड़ ने पीछा किया और उनकी पिटाई कर दी।
टॉइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल के प्रिंसिपल अशोक कुमार सूर्यवंशी पर कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने दीवार पर लगी भीमराव आंबेडकर की तस्वीर फाड़ दी और दलित छात्रों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इन आरोपों के बाद नाबालिग लड़कों की भीड़ ने कथित तौर पर 27 जनवरी को उनके स्कूल परिसर में घुसकर उन पर हमला किया। ये लड़के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के नहीं थे।
स्कूल में हुई मीटिंग
प्रिंसिपल पर हमले के बाद विद्या भारती से जुड़े टीचर्स और आरएसएस पदाधिकारियों ने स्कूल में मीटिंग की। इसमें हमले की निंदा की गई। सूर्यवंशी ने शुक्रवार को टॉइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “29 जनवरी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। गुरुवार को सरस्वती शिशु मंदिर स्कूलों के प्रिंसिपल और आरएसएस सदस्यों के एक ग्रुप ने बैठक की। बाद में हमें पता चला कि कुछ नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है।”
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पांच नाबालिग लड़कों को पुलिस ने हिरासत में लिया
आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया, “पुलिस ने गुरुवार रात पांच नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया है।” इसी बीच, लड़कों के समर्थकों ने पुलिस द्वारा पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया और विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद शुक्रवार को स्कूल में पुलिस बल तैनात किया गया। सरस्वती स्कूल के प्रिंसिपल और आरएसएस के मुरादाबाद जिला समन्वयक आचार्य गजेंद्र सिंह ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि एक टीचर मूल्यों का संचार करता है और बाबासाहेब का अनादर नहीं करेगा। इस कथित हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।
