Disorder in Kerala assembly on fraud of CPI-M leader's son - केरल : माकपा नेता के बेटे की धोखाधड़ी पर विधानसभा में हंगामा - Jansatta
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केरल : पूरी पार्टी के लिए सिरदर्द बनी माकपा सचिव के बेटे की करतूत, विधानसभा में हंगामा

नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नीथला ने इस मुद्दे को सदन में उठाया और सत्तारूढ़ वाम पार्टी पर 'खर्चीले रहन-सहन के लिए निशाना साधा।' उन्होंने कहा, "यह बहुत आश्चर्यजनक और अजीब है कि माकपा विशेष अधिवेशन में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वामपंथियों को साधारण तरीके से रहना चाहिए।

Author January 25, 2018 6:33 PM
नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नीथला।

केरल विधानसभा में गुरुवार को मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव कोडियारी बालाकृष्णन के बेटे द्वारा दुबई में किए गए कथित धोखाधड़ी के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया गया, जिससे विधानसभा में हंगामा उत्पन्न हो गया। नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्नीथला ने इस मुद्दे को सदन में उठाया और सत्तारूढ़ वाम पार्टी पर ‘खर्चीले रहन-सहन के लिए निशाना साधा।’ उन्होंने कहा, “यह बहुत आश्चर्यजनक और अजीब है कि माकपा विशेष अधिवेशन में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वामपंथियों को साधारण तरीके से रहना चाहिए और हमने हाल ही में देखा है कि पार्टी एक सांसद को इसलिए निकाल देती है कि वह महंगे फोन व आईफोन रखता है। लेकिन आज हम सुन रहे हैं कि यह धोखाधड़ी माकपा के राज्य सचिव के बेटे ने किया है, जोकि केरल प्रवासियों के लिए शर्म का मुद्दा बन गया है। हम राज्य सरकार से इस संबंध में जांच की मांग करते हैं।”

सत्तापक्ष इस पर अपने जगह से उठ गई और चेन्नीथला को चुप कराने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी पार्टियों के विधायकों ने इस कोशिश का पुरजोर विरोध किया। एक अखबार में खबर छपी कि दुबई की एक कंपनी ने माकपा पोलित ब्यूरो से संपर्क किया और आरोप लगाया कि केरल माकपा के एक शीर्ष नेता के बेटे ने उसके साथ 13 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। जिसके बाद राज्य में इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों ने सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की है।

दुबई की एक कंपनी के प्रायोजक एच. आई. ए. अल मरजूकी के तीन पन्नों के पत्र में कहा गया है कि बिनॉय के विरुद्ध कथित धोखाधड़ी मामले में जांच शुरू कर दी गई है। यह प्रति मीडिया के पास उपलब्ध है। माकपा पोलित ब्यूरो से संपर्क किया गया और आरोप लगाया कि केरल माकपा के एक शीर्ष नेता के बेटे ने उसके साथ 13 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।

यह मुद्दा केरल में माकपा के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गया है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने हालांकि इस संबंध में जांच की मांग से इंकार कर दिया और कहा कि ‘यह केवल न्यूज रिपोर्ट है।’ विजयन ने कहा, “यह निराधार आरोप है और इस संबंध में कोई भी जांच नहीं होगी।” इस पर चेन्नीथला ने कहा, “शिकायतकर्ता ने 13 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में अपने पत्र में कोडियेरी बालाकृष्णन के पुत्र को प्रत्यर्पित करने के लिए इंटरपोल से जांच कराने की मांग की है। यह आश्चर्यजनक है कि राज्य सरकार ने इसके लिए कम से कम एक तथ्य का पता लगाने वाली टीम भी गठित नहीं की।”

विजयन ने ‘न्यूज रिपोर्ट’ का हवाला देकर मामले की जांच की मांग को खारिज कर दिया, जिसके बाद चेन्नीथाला पूरे विपक्ष के साथ सदन से बाहर चले गए। राज्य भाजपा के महासचिव ए.एन. राधाकृष्णन ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय से जांच की मांग की है और इस बाबत पत्र के माध्यम से शिकायत भेजी गई है। अपने पत्र में, भाजपा ने मांग की है कि कथित व्यापार सौदे में कोडियारी बालाकृष्णन के दोनों बेटों के खिलाफ जांच जरूरी है। पार्टी ने यह भी कहा कि 13 करोड़ रुपये भुगतान करने की प्रक्रिया की भी जांच की जानी चाहिए क्योंकि ऐसा हो सकता है कि यह भुगतान हवाला माध्यम से किया गया हो।

शिकायतकर्ता मरजूकी कथित रूप से इस हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली पहुंच चुका है और कई लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। वह इस मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए केरल की राजधानी भी जाने वाले हैं। माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एस. रामचंद्रन पिल्लई ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में पार्टी की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा, “यह दो पक्षों के बीच का मामला है, जो व्यापारी हैं और यह दुबई में हुआ है। इसमें निर्णय लेने में हमारी पार्टी की कोई भूमिका नहीं है।”

 

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