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हिंसा पर चर्चा: सड़क से विधानसभा तक

भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली में दहशत पर चर्चा को एजंड़े से बाहर बताने पर सत्ता पक्ष ने कहा कि अभिभाषण में ही आखिर में उपराज्यपाल ने मौजूदा हालात का जिक्र किया था। लिहाजा यह चर्चा अभिभाषण से बाहर नहीं है।

सदन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले तीन दिनों से यह घटनाएं जो घटीं, वह क्यों हुईं और कौन करा रहा है? हमें दंगे फसाद नहीं चाहिए। तीन दिन में जो कुछ हुआ, उसे दिल्ली के आम आदमी ने नहीं किया।

दिल्ली विधानसभा में बुधवार को उपराज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी, लेकिन दिल्ली के हालात के मद्देनजर सत्तापक्ष ने सदन की कार्यवाही को केंद्र बनाम राज्य कर दिया। बीच बहस में गृह मंत्री अमित शाह, उपराज्यपाल अनिल बैजल और दिल्ली पुलिस के आयुक्त पर भी सत्ता पक्ष ने कई आरोप जड़े। पूर्व विधायक और भाजपा नेता कपिल मिश्रा को गिरफ्तार करने से लेकर पुलिस आयुक्त को सदन में बुलाने की मांग तक हुई। भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली में दहशत पर चर्चा को एजंड़े से बाहर बताने पर सत्ता पक्ष ने कहा कि अभिभाषण में ही आखिर में उपराज्यपाल ने मौजूदा हालात का जिक्र किया था। लिहाजा यह चर्चा अभिभाषण से बाहर नहीं है।

सदन की कार्यवाही उपराज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की रस्म अदायगी से जरूर शुरू हुई लेकिन जल्द ही तय एजंडे पर लौटी। अभिभाषण पर बात पूरी कर सबसे पहले मंत्री गोपाल राय दिल्ली में फैलाई जा रही दहशत पर लौटे। उन्होंने गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस के आयुक्त के बुधवार के उस बयान पर अचरज जताया जिसमें उन्होंने हालात काबू में होने की बात कही है। उन्होंने पूछा-अगर ऐसा है तो फिर घायलों की संख्या लगातार कैसे बढ़ रही है। उन्होंने पुलिस अफसरों पर लापारवाही करने और मौत का तांडव देखते रहने का आरोप लगाया। हालांकि तांडव शब्द पर विपक्ष ने आपत्ति जताने के बाद इसे रेकाड से निकाल दिया गया। उन्होंने दंगा प्रभावित इलाकों में सेना के लगाए जाने की मांग की।

‘आप’ विधायक दिलिप पाडेय ने भड़काऊ भाषण देने के लिए कपिल मिश्रा को गिरफ्तार करने की मांग की। पूर्व आप विधायक और हाल के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मॉडल टाउन से भाजपा के टिकट पर हार चुके कपिल मिश्रा ने रविवार को जाफराबाद इलाके के मौजपुर चौक में सीएए के समर्थन में सभा को संबोधित किया था जिसके बाद ही दोनों पक्षों के बीच झड़पें शुरू हुई।

चांदनी चौक के विधायक प्रहलाद साहनी, ओखला के विधायक अमानतुल्लाह और मटियामहल के विधायक शोएब इकबाल ज्यादा अक्रामक रहे। उन्होंने सदन को बताया कि किस तरह सोम-मंगल की रात उपराज्यपाल के घर के आगे उनसे मिलने के लिए बैठे रहे और उपराज्यपाल सोते रहे। पुलिस आयुक्त ने मंत्रियों के फोन नहीं उठाए। प्रहलाद साहनी ने तो यहां तक कहा कि दिल्ली में हुआ यह दंगा गुजरात की पुनरावृत्ति है।

जवान के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा : केजरीवाल
सदन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले तीन दिनों से यह घटनाएं जो घटीं, वह क्यों हुईं और कौन करा रहा है? हमें दंगे फसाद नहीं चाहिए। तीन दिन में जो कुछ हुआ, उसे दिल्ली के आम आदमी ने नहीं किया। यहां कुछ बाहरी तत्वों की और कुछ राजनीतिक तत्वों की कारस्तानी है जो दिल्ली के इलाके जल उठे। उन्होंने कहा- मैने गृह मंत्री से निवेदन किया और अब इस सदन के माध्यम से मैं फिर से उनसे अपील करना चाहता हूं कि अगर दिल्ली में स्थिति को काबू करने के लिए जरूरी लगता है कि सेना को बुलाया जाए। जितने प्रभावित क्षेत्र बच गए हैं, वहां पर भी कर्फ्यू जल्द से जल्द लगाया जाए, ताकि स्थिति समान्य हो सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बुधवार को घोषणा की कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा में मारे गए दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल के परिवार को दिल्ली सरकार एक करोड़ रुपए का मुआवजा देगी।

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