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देवरिया शेल्टर होम की संचालिका वृद्धाश्रम भी चलाती थी, तबेले में रहते थे बुजुर्ग, कमरों में पड़े थे ताले

सरकार से इन कमरों में बेड और गद्दे दिखाकर अनुदान लिया जाता था, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही थी। स्थानीय लोगों ने जानकारी दी कि कमरों में हमेशा ताला लगा रहता था और इन तालों को ढकने के लिए पर्दे डाल दिए गए थे।

देवरिया शेल्टर होम की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी (फोटो सोर्स- वीडियो स्क्रीनशॉट)

देवरिया में लड़कियों के लिए शेल्टर होम चलाने वाली गिरिजा त्रिपाठी अब एक अन्य मामले में फंसते नजर आ रही है। शेल्टर होम से लड़कियों के गायब होने और उनका यौन उत्पीड़न किए जाने के मामले में फंसी गिरिजा त्रिपाठी अब वृद्धाश्रम मामले में भी घिर चुकी है। गिरिजा मां विंध्यावासिनी संस्था के तहत वृद्धाश्रम भी चलाती थी, यह शहर से कुछ दूर रजला में स्थित था। इस वृद्धाश्रम को लेकर भी अब बड़ा खुलासा हुआ है। यहां रहने वाले बुजुर्गों को वृद्धाश्रम में बने कमरों में नहीं बल्कि तबेलों में रखा जाता था। एनबीटी के मुताबिक दो मंजिला इस आश्रम में करीब 15 कमरे थे, लेकिन बुजुर्गों को इन कमरों में नहीं बल्कि आश्रम के बाहर बने तबेलेनुमा जगह पर रखा जाता था।

सरकार से इन कमरों में बेड और गद्दे दिखाकर अनुदान लिया जाता था, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही थी। स्थानीय लोगों ने जानकारी दी कि कमरों में हमेशा ताला लगा रहता था और इन तालों को ढकने के लिए पर्दे डाल दिए गए थे। फिलहाल इस वृद्धाश्रम को सील कर दिया गया है। इसकी देखरेख गिरिजा का बेटा प्रदीप और बहू प्रियंका करते थे। पुलिस ने प्रदीप को भी गिरफ्तार कर लिया है।

गुरुवार को यहां रहने वाले करीब 22 बुजुर्गों की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें भर्ती कराने के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं हुआ। डॉक्टर्स ने बुजुर्गों को देखकर यह कहा कि वृद्धावस्था कोई बीमारी नहीं है और उन्हें वापस भेज दिया। डॉक्टर्स द्वारा मरीजों के प्रति इस तरह का बर्ताव किए जाने के बाद से ही बीआरडी की काफी आलोचना की जा रही है, जिस पर बीआरडी प्रिंसिपल गणेश कुमार ने कहा कि डॉक्टर्स के मरीज ठीक लगे होंगे, इसलिए उन्हें भर्ती नहीं किया गया होगा। वहीं यूपी सरकार ने देवरिया शेल्टर होम कांड को लेकर सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र से कर दी है। राज्य के गृह विभाग ने केंद्र के गृह विभाग को लेटर लिखकर सीबीआई जांच करने की सिफारिश की है।

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