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जब शिवराज से बोले दिग्‍व‍िजय, आ जाओ मैदान में घबराते क्यों हो?

दवाड़ा से कांग्रेस सांसद कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ऊपर निशाना साधते हुए उनसे 10 सवालों के जवाब मांगे थे, जिसके जवाब में शिवराज ने खुद कांग्रेस से ढेर सारे सवाल पूछ लिए थे। उन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ से पूछा कि जब कांग्रेस राज्य में सत्ता में थी तब सड़कों का निर्माण क्यों नहीं किया गया था।

दिग्विजय पर आज पुन: निशाना साधते हुए शिवराज ने कहा कि बाटला एन्काउंटर में शहीद सिपाही पर टिप्पणी करने वाले और आतंकवादी ओसामा को ‘ओसामा जी’ कहने वाले ये लोग स्वयं सोच लें कि देशभक्त कौन है

मध्य प्रदेश में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इसलिए राजनीतिक गलियारों में हलचलें भी काफी तेज हो गई हैं। कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं। कभी कोई नेता किसी नेता पर हमला बोल रहा है, तो कभी हमले के तौर पर सवाल के ऊपर सवाल दागे जा रहे हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने वर्तमान सीएम शिवराज सिंह चौहान को खुली बहस करने की चुनौती तक दे डाली।

दरअसल, छिंदवाड़ा से कांग्रेस सांसद कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ऊपर निशाना साधते हुए उनसे 10 सवालों के जवाब मांगे थे, जिसके जवाब में शिवराज ने खुद कांग्रेस से ढेर सारे सवाल पूछ लिए थे। उन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ से पूछा कि जब कांग्रेस राज्य में सत्ता में थी तब सड़कों का निर्माण क्यों नहीं किया गया था। शिवराज ने रविवार को खरगोन में मीडिया से चर्चा करते हुए कांग्रेस के कार्यकाल में सड़क, सिंचाई और बिजली को लेकर कमलनाथ से ढेर सारे सवाल पूछ डाले।

अब इन्हीं सवालों के जवाब में दिग्विजय ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘कांग्रेस कार्यकाल के विकास के आंकड़ों का जवाब मैं दूंगा, आप कमलनाथ जी से क्यों मांगते हैं? मुख्यमंत्री जी मुझ से खुली बहस के लिए तैयार क्यों नहीं होते? आ जाओ मैदान में घबराते क्यों हो?’

वहीं शिवराज द्वारा सवाल के जवाब में सवाल पूछे जाने पर कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक और आश्चर्यजनक है कि जो सत्ता में है वही सवाल पूछ रहा है। छिंदवाड़ा के सांसद ने कहा कि जिन्हें हिसाब देना चाहिए, जिन्हें जवाब देना चाहिए, वे खुद जवाब देने से मना कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी की उनके द्वारा शिवराज को समय-समय पर जनहित के विभिन्न मुद्दों पर करीब 8 पत्र लिखे गए हैं, लेकिन अभी तक किसी का भी जवाब उन्हें नहीं मिला है।

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