जज मर्डरः हाई कोर्ट ने पुलिस को फटकारा, कहा- सही सवाल क्यों नहीं पूछ रहे?

धनबाद जज उत्तम आनंद की हत्या मामले में कोर्ट ने जांच कर रही SIT टीम को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने पुलिस के सवालों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस एक विशेष तरह के जवाब के लिए सवाल पूछ रही है।

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जज को टक्कर मारने से पहले ऑटो (Photo- CCTV Video Grab)

धनबाद जज मर्डर केस में पुलिस पर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। हाल ये है कि अब हाईकोर्ट से भी इस मामले में पुलिस को फटकार लगी है। हाईकोर्ट ने मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम को फटकार लगाते हुए कहा कि पुलिस सही तरीके से सवाल नहीं पूछ रही है। एक विशेष तरह के जवाब के लिए सवाल पूछा जा रहा है, जिसकी सराहना नहीं की जा सकती है।

मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि ऑटोप्सी रिपोर्ट कहती है कि मौत “सिर पर चोट” के कारण हुई थी, फिर पुलिस क्यों पूछ रही थी कि क्या गिरने से ऐसी चोटें संभव हैं?

कोर्ट ने कहा- “हमने जांच अधिकारी विनय कुमार द्वारा तैयार की गई प्रश्नों का अध्ययन किया है … डॉ कुमार शुभेंदु, सहायक प्रोफेसर … एसएनएमएमसी, धनबाद, ‘कृपया बताएं कि क्या सड़क पर गिरने से सिर में चोट लग सकती है या नहीं?’…  जब जांच एजेंसी मौत के कारण का पता लगाने के लिए घटना की जांच कर रही है, तो संबंधित डॉक्टर से ऐसा सवाल कैसे और किन परिस्थितियों में पूछा जा रहा है? वह भी तब, जब सीसीटीवी फुटेज ने घटना के पूरे दृश्य को स्पष्ट कर दिया है।” मुख्य न्यायाधीश रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण की खंडपीठ ने यह बात कही।

पुलिस की कार्रवाई पर आगे टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाया। कोर्ट ने कहा कि यह “दिलचस्प” था कि घटना के सीसीटीवी फुटेज “घटना के समय से 2 से 4 घंटे के भीतर वायरल” हो गए और न्यायाधीश आनंद को लगभग 5.30 बजे अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिकी भी देर से दर्ज की गई। वो भी पत्नी की शिकायत के बाद। पुलिस को सीसीटीवी की नियमित रूप से निगरानी की जानी चाहिए। अस्पताल के डॉक्टरों ने भी पुलिस को सूचित किया होगा

अदालत ने सीबीआई जांच की सिफारिश पर भी गौर किया और कहा कि एजेंसी द्वारा एक अधिसूचना बुधवार तक आने की संभावना है।

बता दें कि धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायधीश उत्तम आनंद की हत्या उस समय कर दी गई थी जब वो मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। जज को एक ऑटो ने पीछे से टक्कर मार दिया था। शुरुआती समय में ये एक एक्सीडेंट लगा लेकिन सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होने लगा कि ये दुर्घटना नहीं बल्कि एक प्लान मर्डर था।

हत्या का एंगल आने के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने प्रशासन को जांच के लिए एक एसआईटी गठित करने का आदेश दिया, जिसकी निगरानी खुद कोर्ट कर रहा है।  इस मामले में पुलिस ने अबतक 243 लोगों को हिरासत में लिया है और 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 2 पुलिस अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है। झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने मामले की जांच सीबीआई से करवाने की अनुशंसा भी कर दी है।

दिवंगत जज उत्तम आनंद कई चर्चित मामलों की सुनावई कर रहे थे। इसमें जिले का चर्चित रंजय हत्याकांड मामला भी शामिल था। रंजय सिंह को धनबाद के बाहुबली नेता और झरिया के विधायक संजीव सिंह के काफी करीबी माना जाता था।

 

 

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