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Kumbh Mela 2019 : कोई अमेरिका से आकर धन्य तो कोई एक डुबकी के लिए चला आया महाराष्ट्र से

Kumbh Mela 2019 Prayagraj (Allahabad): कुंभ मेले में शामिल और सिर्फ संगम में स्नान के लिए कई साधु अमेरिका तक से आए। वहीं, कुछ लोग सिर्फ एक डुबकी के लिए प्रयागराज पहुंच गए।

Author Published on: January 16, 2019 10:17 PM
Kumbh Mela 2019: कुंभ मेला, फोटो सोर्स- कुमार सम्भव जैन

Kumbh Mela 2019: प्रयागराज से कुमार सम्भव जैन : संगम के तट पर सुबह 6 बजे ठंडी-बर्फीली हवा ठिठुरने पर मजबूर कर रही थी, लेकिन लाखों लोगों के मन का विश्वास उन्हें मजबूत बना रहा था। हर-हर गंगे और बम-बम भोले के नारों के बीच श्रद्धालु त्रिवेणी में स्नान का आनंद उठा रहे थे। इस दौरान हमारी मुलाकात एक साधु से हुई। बातचीत में पता लगा कि वे अमेरिका से सिर्फ कुंभ में स्नान करने के लिए आए हैं। वहीं, कुछ ऐसे लोग भी मिले, जो सिर्फ एक डुबकी के लिए महाराष्ट्र से प्रयागराज आ गए। साथ ही, तीन दोस्तों की एक जोड़ी भी हमारे कैमरे में कैद हुई, जिनका घर संगम से करीब 7 किमी दूर था और वे पैदल ही स्नान करने आए थे।

गंगा स्नान के बाद मिली अजब शांति : पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के साधु-संत शाही स्नान कर रहे थे। उसी वक्त हमारी मुलाकात महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज से हुई। बातचीत में उन्होंने बताया, ‘‘मैं न्यूयॉर्क से विशेष तौर पर कुंभ में शामिल होने आया हूं। मेरे समुदाय के लोग अमेरिका में सनातन धर्म का प्रचार करते हैं। यहां आना पवित्रता का अहसास देता है। गंगा स्नान के बाद अजब शांति महसूस हुई। कुंभ मेले में कई बार आया हूं, लेकिन ऐसी भव्यता कभी नहीं दिखी। मैंने अपने गुरु और नागा संन्यासियों के बाद स्नान किया। भारत एक अनूठा देश है। हम कहीं भी रहें, लेकिन जड़ें भारत में ही हैं।’’

सिर्फ कुंभ के लिए महाराष्ट्र से आ गए : कुंभ मेले में जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने करीब 2 किलोमीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर रखी है। ऐसे में कोई भी वाहन सिर्फ वहीं तक जा सकता है। उसके बाद पैदल ही जाना पड़ता है। ऐसे में अधिकतर श्रद्धालुओं को संगम तक पहुंचने के लिए कम से कम 4-5 किलोमीटर पैदल चलना ही पड़ता है। कुंभ की कवरेज के लिए हम भी रात करीब 3 बजे अपने ठिकाने से निकल लिए थे। रास्ते में हमें काफी श्रद्धालु मिले। इसी दौरान सिर पर गठरी रखकर संगम की ओर जा रहे परभणी (महाराष्ट्र) के तुकाराम और वामनराव मिले। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे मकर संक्रांति पर संगम में सिर्फ डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज आए हैं और स्नान के बाद किसी भी ट्रेन से लौट जाएंगे।

स्थानीय लोग बोले- इस बार कुंभ नहीं आते तो बहुत पछताते : कुंभ मेले में इस बार हुए बेहतर इंतजाम का जिक्र प्रयागराज के हर शख्स की जुबां पर है। ऐसे ही लोगों में से एक थी तीन दोस्तों (प्रशांत पांडे, अनिकेत सोनकर और सुरेंद्र) की जोड़ी, जो संगम स्नान के बाद हमसे मिली। प्रशांत बताते हैं कि उनका घर संगम के एंट्री पॉइंट से करीब 7 किलोमीटर दूर है। इस वक्त मन में इतना जोश है कि वे अपने दोनों दोस्तों के साथ पैदल ही चले आए और पैदल ही घर लौटेंगे। उनका कहना था, ‘‘यह स्थानीय कार्यक्रम है तो आना लाजिमी ही था। अगर इस बार कुंभ मेले में नहीं आते तो बहुत पछताते।’’ वहीं, अनिकेत बताते हैं कि कुंभ मेले के चलते इस बार काफी डेवलपमेंट हुआ, जिससे शहर खूबसूरत हो गया है। साथ ही, साफ-सफाई बढ़ गई है।

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