महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को देवेंद्र फड़नवीस मिसिंग लिंक को लेकर हो रही आलोचना से नाराज नजर आए। उन्होंने विपक्ष को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया पर मिसिंग लिंक को लेकर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि गलत जानकारी फैलाने वाले किराए के टट्टू हैं। साथ ही उन्हें हिदायत भी दी।

मुख्यमंत्री ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) से जुड़े मुद्दों पर विधानसभा में चर्चा के दौरान इस प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए कहा कि नुकसान सीमित था और 18 घंटे के भीतर ही ट्रैफिक बहाल कर दिया गया था।

किराए के टट्टू सोशल मीडिया पर ‘मिसिंग लिंक’ लिख रहे- मुख्यमंत्री

चर्चा के दौरान विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा, ‘हमारे जयंत राव ने सही कहा, जिनको कुत्ता नहीं पूछता, वे सोशल मीडिया पर आकर सबको गाली देते हैं, मुख्यमंत्री को भी गाली देते हैं। कुछ किराए के टट्टू पैसे के बदले सोशल मीडिया पर ‘मिसिंग लिंक’ के बारे में लिख रहे थे।’

विपक्ष पर भी किया कटाक्ष

विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, यह जोड़ने वाली कड़ी महज एक सड़क नहीं है, यह इंजीनियरिंग का एक शानदार नमूना है। हमने भारत का सबसे ऊंचा पुल और दुनिया की सबसे बड़ी सुरंगों में से एक बनाई है। इसके फलस्वरूप, पूरे घाट वाले हिस्से को बायपास कर दिया जिससे दुर्घटनाएं खत्म हो गईं। यहां बारिश के कारण हुए भूस्खलन से आए मलबे की वजह से आर्च (मेहराब) को नुकसान पहुंचा था, लेकिन संरचना में कोई दरार नहीं आई थी। फिर भी विपक्ष ने इसे ऐसे पेश करना शुरू कर दिया जैसे सात हजार करोड़ रुपये बर्बाद हो गए हों। हालांकि, सड़क को 18 घंटे के भीतर ही ट्रैफिक के लिए फिर से खोल दिया गया है, जो उनके मुंह पर तमाचा था।

कुछ लोगों को दी चेतावनी

उन्होंने उन लोगों को भी चेतावनी दी, खासकर सोशल मीडिया पर, जिन पर उन्होंने इस प्रोजेक्ट को बदनाम करने का आरोप लगाया था।

उन्होंने आगे चेतावनी दी, “मैं उन लोगों से भी कहना चाहता हूं जिन्हें सोशल मीडिया पर बदनामी फैलाने के लिए पैसे दिए जाते हैं, अगर आपको मुझे बदनाम करना है तो करें, कोई बात नहीं, लेकिन अगर आप महाराष्ट्र को बदनाम करेंगे, तो मैं किसी को नहीं छोड़ूंगा।”

यह भी पढ़ें: MP, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच दशकों पुराना नर्मदा विवाद सुलझा, अमित शाह की मौजूदगी में ऐतिहासिक समझौता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नर्मदा नदी से जुड़े चार राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच नर्मदा परियोजना से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए एक समझौता हुआ। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें