महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को सरकारी भर्तियों से जुड़े परीक्षा सिस्टम में व्यापक स्तर पर सुधार के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से एक्स पर ट्वीट कर बताया कि सरकारी भर्ती की परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए राज्य में उच्च-स्तरीय समिति बनाएगी।
महाराष्ट्र सीएमओ कहा कि समिति हर राजस्व संभाग का दौरा करेगी और भर्ती परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उपायों पर रिपोर्ट सौंपने से पहले छात्रों, शिक्षण संस्थानों और अन्य हितधारकों से बातचीत करेगी।
आधिकारिक आवास पर हुई बैठक
देवेंद्र फड़नवीस ने अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में आयोजित एक विशेष बैठक की जिसमें उन्होंने ये निर्देश दिए। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल हुए और उन्होंने कई सुझाव दिए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य में कम से कम 25,000 सुरक्षित कक्षाएं बनाई जाएं।
कमेटी करेगी हर संभाग का दौरा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस दौरान महाराष्ट्र में विभिन्न सेवाओं की भर्ती के लिए परीक्षा प्रक्रियाओं में व्यापक, अधिक सुरक्षित और आम सहमति पर आधारित सुधारों के लिए एक हाई लेवल कमेटी गठित करने का फैसला लिया। यह कमेटी हर एक राजस्व संभाग का दौरा करेगी और छात्रों, शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों तथा संबंधित हितधारकों से चर्चा करगी और उनकी राय जानेगी। इसके बाद इन सभी के आधार पर एक व्यापक नीति बनाई जाएगी।
सीएमओ ने कहा, केंद्र सरकार ने संसद में पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों के संबंध में एक कानून पारित किया है। इस मामले पर महाराष्ट्र का अपना स्वतंत्र कानून भी है। चूंकि संसद द्वारा पारित कानून अधिक सख्त है, इसलिए महाराष्ट्र में इसे लागू करने की प्रक्रिया को अगले दो सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कौन-कौन होंगे कमेटी में शामिल?
पीटीआई के मुताबिक, प्रेस रिलीज में बताया गया कि इस कमेटी की अध्यक्षता सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा करेंगी। साथ ही पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुपालन सचिव एन. रामास्वामी और नासिक संभागीय आयुक्त प्रवीण गेदम इसके सदस्य होंगे। अधिकारियों ने बताया कि कमेटी की सिफारिशें राज्य के लिए एक व्यापक नीति का आधार बनेंगी।
बैठक में परीक्षाएं आयोजित करने में जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समन्वय भूमिका पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न देशों में अपनाई जाने वाली परीक्षा प्रणालियों, महाराष्ट्र में मौजूदा प्रक्रियाओं और भर्ती परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए संभावित सुधारों की भी समीक्षा की।
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महाराष्ट्र विधानसभा में हाल ही में महाराष्ट्र धर्म रक्षा अधिनियम कानून पास हुआ है। इस कानून के तहत पहली एफआईआर पुणे शहर पुलिस ने दर्ज की है। पहला मामला 22 साल के व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया। उस पर आरोप है कि उसने अपनी नाबालिग ‘पत्नी’ से उसका धर्म बदलने के लिए कहा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
