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दार्जिलिंग बंद का व्यापक असर, लेकिन शांत रही पहाड़ियां

राज्य सरकार और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के लिए नाक की लड़ाई बने दार्जिलिंग बंद का पर्वतीय क्षेत्र में व्यापक असर रहा। लेकिन बड़े पैमाने पर किए गए सुरक्षा इंतजाम के चलते इलाके में शांति रही।

Author कोलकाता | September 30, 2016 1:43 AM

राज्य सरकार और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के लिए नाक की लड़ाई बने दार्जिलिंग बंद का पर्वतीय क्षेत्र में व्यापक असर रहा। लेकिन बड़े पैमाने पर किए गए सुरक्षा इंतजाम के चलते इलाके में शांति रही। जबरन बंद कराने के आरोप में दो सौ से ज्यादा मोर्चा समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंद के मुकाबले के लिए तीनों पर्वतीय सब डिविजनों में अपने एक-एक मंत्री को तैनात कर दिया था। सरकार के कड़े रुख के चलते कुछ दुकानें खुली रहीं। इलाके के कुछ स्थानों पर बंद समर्थकों ने वाहनों में तोड़-फोड़ भी की।
इस बंद ने इलाके में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस और मोर्चा के बीच तनातनी बढ़ा दी है। मोर्चा ने अलग गोरखालैंड की मांग और सरकार की कथित अनदेखी के विरोध में इस बंद की अपील की थी। दरअसल हाल में कालिम्पोंग के दौरे में गई ममता बनर्जी ने कहा था कि सरकार ने गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) को चार हजार करोड़ रुपए दिए हैं। उनके इस बयान के मुकाबले के लिए ही मोर्चा ने एक बार फिर गोरखालैंड के मुद्दे को हवा दे दी है। मोर्चा महासचिव रोशन गिरि ने आज एक बयान में कहा कि बंद के नाकाम होने से गोरखालैंड का विरोध करने वालों का मनोबल बढ़ेगा।


एक जनहित याचिका के आधार पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बंद के दौरान सामान्य जनजीवन बहाल रखने का निर्देश दिया था। जिला प्रशासन ने इलाके में भारी तादाद में सुरक्षा बलों को तैनात किया था। लेकिन बावजूद इसके बंद का व्यापक असर रहा। जिलाशासक अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि कालिम्पोंग में कुछ वाहनों पर हमले की खबरें मिली हैं। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इस बात का ध्यान रख रहा है कि बंद की वजह से पर्यटकों को कोई परेशानी नहीं हो। लेकिन उनकी आवाजाही के लिए वाहनों की कोई समस्या नहीं है। इलाके में कुछ दुकानें भी खुली हैं।

बंद के दौरान विभिन्न इलाकों में गोरखा मोर्चा के समर्थकों ने इलाके में रैलियां निकालीं। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने भी जवाबी रैलियां निकाल कर मोरचा के बंद का विरोध किया और दुकानें खुली रखने की अपील की। बंद के दौरान इलाके के तमाम बाजार, दुकानें और स्कूल बंद रहे। दार्जिलिंग शहर में कुछ दुकानें खुली रहीं और निजी वाहन भी सड़कों पर नजर आए। पुलिस ने बताया कि बंद समर्थकों ने जिले के पेडांग में एक वाहन में तोड़-फोड़ की।

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