ताज़ा खबर
 

योगेंद्र यादव का तंज- बलात्‍कारी बाबा चुनाव की खेती करेगा और खट्टर जी वोटों की फसल काटेंगे

हरियाणा सरकार के मंत्री केएल पंवार का कहना है कि दोषियों को दो साल के बाद पैरोल पाने का हकदान माना जाता है, लेकिन किसी दोषी का जेल में व्यवहार अच्छा होता है तो जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर अंतिम फैसला लेते हैं।

Author नई दिल्ली | June 25, 2019 4:11 PM
गुरमीत राम रहीम। (express photo/file photo)

बलात्कार और हत्या के मामलों में जेल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने पैरोल पर रिहा करने की अर्जी दाखिल की है। जिसके बाद जेल अधीक्षक ने सिरसा जिला प्रशासन को खत लिखकर इसकी जानकारी दी है। गौरतलब है कि जेल अधीक्षक ने गुरमीत राम रहीम के पक्ष में रिपोर्ट दी है। वहीं गुरमीत राम रहीम की पैरोल की अर्जी पर स्वराज इंडिया के नेता योगेन्द्र यादव ने ट्वीट कर तंज कसा है। योगेन्द्र यादव ने ट्वीट कर लिखा है कि “हत्यारा और बलात्कारी ‘बाबा’ चुनाव की खेती करेगा! और खट्टर जी वोटों की फसल काटेंगे! अगर हरियाणा सरकार गुरमीत सिंह को खेती करने के बहाने जेल से छुट्टी देती है तो स्वराज इंडिया इसे कोर्ट और सड़क दोनों जगह चुनौती देगी।”

उल्लेखनीय है कि हरियाणा में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। गुरमीत राम रहीम के समर्थकों की हरियाणा में काफी तादाद है और चुनावों में यह काफी अहम साबित हो सकते हैं। ऐसे में योगेन्द्र यादव के ट्वीट को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। खबरों की मानें तो गुरमीत राम रहीम ने खेती करने के लिए पैरोल की अर्जी दाखिल की है। राम रहीम ने 42 दिनों के लिए पैरोल पर रिहा करने की अपील की है। हरियाणा सरकार के मंत्री केएल पंवार का कहना है कि दोषियों को दो साल के बाद पैरोल पाने का हकदान माना जाता है, लेकिन किसी दोषी का जेल में व्यवहार अच्छा होता है तो जेल प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर अंतिम फैसला लेते हैं।

गुरमीत राम रहीम को अगस्त 2017 में बलात्कार के मामलों में 20 साल कैद की सजा सुनायी गई थी। इसके बाद इसी साल जनवरी में एक पत्रकार की हत्या के मामले में भी गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनायी गई थी। फिलहाल राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। फिलहाल सिरसा पुलिस, राजस्व विभाग से यह जानने का प्रयास कर रही है कि डेरा प्रमुख के पास कितनी जमीन है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App