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BJP के साथ मिल सरकार बनाने वाले दुष्यंत चौटाला का बड़ा बयान- खट्टर सरकार में घोटाले हुए तो होगी जांच, अब पहले की तरह नहीं चलेगा काम

चौटाला ने कहा, 'मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि सिस्टम अब वैसे काम नहीं करेगा, जैसे पिछले पांच सालों से कर रहा था। यदि पिछले पांच सालों में कोई भ्रष्टाचार हुआ है तो इस पर एक्शन लिया जाएगा।

dushayant chautala, file photo, photo source- financial expressजननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला, photo source- financial express

Haryana Assembly Elections 2019 में हाशिए पर माने जा रहे दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया। बहुमत का आंकड़ा छूने में नाकाम रही बीजेपी को समर्थन देकर वे एकाएक राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण केंद्र बन गए। बीजेपी-जेजेपी (जननायक जनता पार्टी) सरकार में डिप्टी सीएम बने दुष्यंत ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि मनोहरलाल खट्टर सरकार के पहले कार्यकाल में हुए कथित घोटालों की भी जांच की जाएगी।

‘पहले की तरह नहीं चलेगा अब’: चौटाला ने कहा, ‘मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि सिस्टम अब वैसे काम नहीं करेगा, जैसे पिछले पांच सालों से कर रहा था। यदि पिछले पांच सालों में कोई भ्रष्टाचार हुआ है तो इस पर एक्शन लिया जाएगा। चाहे वो एससी-एसटी स्कॉलरशिप (SC-ST Scholarship) का मामला हो, खनन घोटाला हो या मेडिकल घोटाला हो। काम करने के तरीके में बदलाव होना चाहिए।’

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‘प्राइवेट जॉब में हरियाणा वालों को आरक्षण दिलाएंगे’: दुष्यंत ने कहा कि हरियाणावासियों को प्राइवेट जॉब्स (Private Jobs in Haryana) में 75 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘विधानसभा सत्र में बिल पेश किया जाएगा। मेरा लक्ष्य इसे पास करवाने का है, ताकि हम उद्योगों के साथ काम कर सकें और रोजगार बढ़ा सकें।’ बता दें कि हाल ही में हुए चुनाव में 90 सीटों वाले हरियाणा में बीजेपी को 40 सीटें मिली थीं। बीजेपी को बहुमत के लिए छह सीटें चाहिए थीं, वहीं जेजेपी ने इस चुनाव में 10 सीटों पर जीत दर्ज की थी। चुनाव के बाद दोनों ने गठबंधन में सरकार बनाई।

‘दोनों के घोषणापत्रों में 60 फीसदी बातें एक जैसी’: दुष्यंत ने गठबंधन नहीं टिक पाने के विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए कहा, ‘बीजेपी और जेजेपी के घोषणापत्रों में 60 फीसदी बातें समान हैं। हम कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर साथ आए हैं। दोनों दलों से एक-एक विधायक घोषणापत्र समिति का सदस्य बनेगा और ब्यूरोक्रेट्स भी इस पैनल का हिस्सा बनेंगे। लोगों ने हमें 10 सीटों पर जीत दिलाई, इसके बाद हमारे पास विपक्ष में बैठकर अस्थिर सरकार को देखने का भी विकल्प था। लेकिन हम राज्य को ऐसे हालात में नहीं पहुंचाना चाहते थे जहां भ्रष्टाचार चरम पर हो।’

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