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UP News: पैर में प्लास्टर बंधे शख्स को देखते ही रुके डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, तुरंत बोले- एंबुलेंस बुलाओ, नंबर लो और इलाज कराओ

UP Deputy CM Brajesh Pathak: रवि के पैर में फ्रैक्चर था वो चल नहीं पा रहा था। फिर क्या था डिप्टी सीएम ने अपने काफिले को रोका और उसका हालचाल लिया और मंगलवार को उसे प्लास्टर लगवाने का आश्वासन दिया।

UP News: पैर में प्लास्टर बंधे शख्स को देखते ही रुके डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, तुरंत बोले- एंबुलेंस बुलाओ, नंबर लो और इलाज कराओ
UP News: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Photo-File)

Deputy CM Brajesh Pathak: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक लगातार अपनी कार्यशैली से मीडिया की सुर्खियों में बने रहते हैं। वो कभी भी किसी भी सरकारी अस्पताल के औचक निरीक्षण पर पहुंच जाते हैं। कभी कभार वो खुद मास्क लगाकर अस्पताल में पर्ची की लाइन में खड़े होकर वहां की स्थितियों का जायजा लेते हैं। ऐसे ही रविवार को भी डिप्टी सीएम ने कुछ ऐसा ही किया कि वो एक बार फिर मीडिया की सुर्खियों में छाए हुए हैं। कैंट विधानसभा क्षेत्र में सड़क के किनारे बैठे एक शख्स पर पड़ी को जिसके पैर में प्लास्टर लगा था।

दरअसल कैंट विधानसभा क्षेत्र के कृष्णा नगर के अनिल सिंह की आकस्मिक निधन की सूचना पर बैकुंठ धाम पहुंचे थे उसके बाद वहां से निकलते हुए डिप्टी सीएम ने रवि नामके इस शख्स को सड़क के किनारे बैठे देखा। रवि के पैर में फ्रैक्चर था वो चल नहीं पा रहा था। फिर क्या था डिप्टी सीएम ने अपने काफिले को रोका और उसका हालचाल लिया और मंगलवार को उसे प्लास्टर लगवाने का आश्वासन दिया उसका नंबर भी डिप्टी सीएम ने लिया।

आर्थिक तंगी की वजह से नहीं करवा पाया पैर का इलाज

रवि ने बताया कि वो अपनी बहन के निधन की वजह से बैकुंठ धाम पहुंचा था। रवि ने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से वो अपने पैर का इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। डिप्टी सीएम का ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
योगी सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को स्वास्थ्य मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय का प्रभार संभालते ही डिप्टी सीएम लगातार औचक निरीक्षण में निकल जाते हैं और सरकार स्वास्थ्य सेवाओं का हालचाल लेते रहते हैं।

Deputy CM ने करोड़ों की एक्सपायरी डेट की दवाएं पकड़ीं

डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य विभाग की कई खामियों को उजागर कर उसे ठीक करने के निर्देश दिए। वो किसी अधिकारी की बात पर भरोसा नहीं करते हैं वो खुद ही मामले का पता लगाने के लिए पहुंचते हैं। डिप्टी सीएम ने इस दौरान सरकारी अस्पतालों से करोड़ों की एक्सपायरी डेट की दवाओं को पकड़ा जिसके बाद से सरकारी स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

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