यूपी: अमेठी में डेंगू का कहर, दिवाली के बाद तेजी से बढ़ रहे मरीज; जिला अस्पताल के डॉक्टरों की सलाह- लापरवाही हुई तो बढ़ सकता है खतरा

बीमारी ने बच्चों को भी जकड़ा, कई का चल रहा है इलाज। बहुत जरूरी नहीं होने पर घर से बाहर नहीं जाने देना चाहिए।

Dengue havoc, Amethi
अमेठी के नए जिला अस्पताल में डॉक्टर के पास जुटे मरीज। फाइल फोटो।

जैसे-जैसे मौसम बदल रहा है, डेंगू पीड़ितों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। दिवाली के बाद इसमें काफी तेजी आई है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। शनिवार को डेंगू बुखार से पीड़ित तीन नए मरीजों को अमेठी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नए जिला चिकित्सालय के एमडी मेडिसिन डॉ. नीरज वर्मा ने बताया कि त्योहार के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी है। तीन नए मरीजों के अलावा तीस से ज्यादा मरीज पहले से आ चुके हैं। इनमें से दो को लखनऊ भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि डेंगू एक खतरनाक वायरस है। इसके बुखार में सरदर्द, आंखों में दर्द, हड्डियों और शरीर में बेहद दर्द, सांस लेने में दिक्कत, नाक कान और मुंह से ख़ून आना, लाल पेशाब होने के साथ शरीर में चकत्ते पड़ जाते हैं। जबकि सामान्य बुखार में गले में खराश, खांसी, जुखाम और शरीका तापमान तेज होता है। तबीयत बिगड़ने पर पहले सामान्य बुखार और डेंगू के बुखार की पहचान करें। डेंगू होने पर पैरासिटामॉल का टेबलेट लेने के साथ किसी अच्छे डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। झोलाछाप डॉक्टरों से दूर रहें। दर्द निवारक दवा का इस्तेमाल बिलकुल न करें।

वर्मा ने बताया कि डेंगू वायरस तीन प्रकार के होते हैं। इनसे सामान्य बुखार, डीएसएस बुखार और डीएचएस बुखार होते हैं। सामान्य बुखार को छोड़कर दोनों खतरनाक होते हैं। डेंगू के मच्छर टाइगर की तरह दिन में काटते हैं। पत्तेदार सब्जियां, फूल गोभी और मिर्च मसाला से परहेज़ करें। हल्के भोजन के साथ नियमित गरम पानी पिएं। मच्छररोधी क्रीम और मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। आसपास जमा पानी हटा दें।

अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ, लईक ने बताया कि डेंगू वायरस की चपेट में बच्चे तेजी से आ रहे हैं। स्कूल खुले हैं। इससे शिक्षकों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बच्चों को बिना जरूरत बाहर न जाने दें। शरीर को कपड़े से ढंककर रखें। मच्छररोधी क्रीम लगाकर बाहर जाएं। डॉक्टर ने बताया कि मौसम परिवर्तन के समय बच्चों में सावधानी बरतें। दूध में हल्दी मिलाकर सेवन करें। झोलाछाप डॉक्टरों से बचें। वरना बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। इससे नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है।

बच्चों की पेशाब लाल, मुंह और नाक कान से खून आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि एक तारीख से अब तक डेंगू के 18 मरीज मिले है। लेकिन सब ठीक हो चुके हैं। फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू वायरस से जुड़ी सभी प्रकार की दवा अस्पताल में मौजूद हैं।

जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष दुबे ने बताया कि नवंबर में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डायरिया के 56 मरीज मिल चुके हैं। हालांकि किसी की मौत नहीं हुई है।

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