UP में तेजी से पैर पसार रहा डेंगू और वायरल बुखार; एक दिन में मिले 105 मामले

डेंगू के मामले बढ़ने की वजह से जिला प्रशासन हर मरीजों के लिए बेड तक नहीं उपलब्ध करवा पा रहा है। जिसकी वजह से कईयों को इलाज के लिए पड़ोस के जिलों में जाना पड़ रहा है।

डेंगू और वायरल बुखार से उत्तरप्रदेश के सबसे ज्यादा प्रभावित जिले फिरोजाबाद में रविवार को करीब 105 मरीज मिले। (फोटो – पीटीआई)

पश्चिम उत्तरप्रदेश के कुछ जिलों से शुरू हुआ डेंगू और वायरल बुखार अब पूरे प्रदेश में तेजी से पांव पसार रहा है। डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से राज्य के कई जिलों के अस्पतालों में बेड की भी किल्लत हो गई है। रविवार को फिरोजाबाद में डेंगू और वायरल बुखार के करीब 105 मरीज मिले। मरीजों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

वायरल बुखार से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले फिरोजाबाद में रविवार को करीब 105 मरीज मिले। जिले में अभी भी करीब 430 से ज्यादा मरीज भर्ती है। साथ ही इस जिले में अब तक करीब 51 लोगों की मौत इस बीमारी की वजह से हो चुकी है। इनमें से बड़ी संख्या बच्चों की है। मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से जिला प्रशासन हर मरीजों के लिए बेड तक नहीं उपलब्ध करवा पा रहा है। जिसकी वजह से मरीजों को इलाज के लिए पड़ोस के जिलों में जाना पड़ रहा है।

फिरोजाबाद के अलावा एटा, सीतापुर, कासगंज, फर्रुखाबाद, मथुरा सहित कई जिलों में भी डेंगू और वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पूर्वी उत्तरप्रदेश के कई जिलों में भी यह बीमारी तेजी से फ़ैल रही है। रविवार को प्रयागराज के मोतीलाल नेहरु कॉलेज में करीब 170 बच्चों को वायरल बुखार से पीड़ित होने के कारण भर्ती कराया गया। इनमें से कईयों को ऑक्सीजन सपोर्ट भी रखा गया है।

कमोबेश यही हाल उत्तरप्रदेश के अधिकांश जिलों का है। रविवार को कानपुर में भी डेंगू के 16 मरीज मिले। 16 मरीज मिलने के साथ ही कानपुर में डेंगू मरीजों की संख्या 40 हो गई है। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी दो दर्जन से अधिक बच्चे वायरल बुखार से पीड़ित हैं। सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा ललितपुर जिले में भी बीते 15 दिनों में 1644 बुखार से पीड़ित मरीज मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के मिलने के बाद प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है।

वहीं फिरोजाबाद जिले में डेंगू के प्रकोप को रोकने के लिए जिला प्रशासन गंबूजिया मछली का सहारा ले रही है। जिले के मुख्य मुख्य चिकित्सा अधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि अब तक करीब 25,000 मछलियों को कई तालाबों में छोड़ा जा चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गंबूजिया मछली मच्छरों के लार्वे को खाती है जिसकी वजह से डेंगू फैलने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा डेंगू और वायरल बुखार से ज्यादा प्रभावित इलाकों की पहचान कर विशेष साफ़ सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है।

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