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Demonetisation: नए नोट छापने में और तेजी लाने के लिए BNP में लगाए गए सेना के 200 जवान

देश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद होने के बाद पूरी क्षमता से नये नोटों की प्रिटिंग के लिये बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवायें लेने के बाद अब सेना के जवानों को भी काम में लगाया गया है।
Author देवास (मध्यप्रदेश) | December 13, 2016 11:22 am
देश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद होने के बाद पूरी क्षमता से नये नोटों की प्रिटिंग के लिये बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवायें लेने के बाद अब सेना के जवानों को भी काम में लगाया गया है।

देश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद होने के बाद पूरी क्षमता से नये नोटों की प्रिटिंग के लिये बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवायें लेने के बाद अब सेना के जवानों को भी काम में लगाया गया है। बीएनपी कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल चौहान ने बताया, ‘‘सेना के जवानों के आने से जहां कर्मचारियों का उत्साह बढ़ा है। वहीं अब काम की गति और बढ़ेगी और नोटों का उत्पादन भी बढ़ेगा।’ सेक्योरिटी प्रिटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड (एसपीएमसीआईएल) द्वारा संचालित बीएनपी, देवास में इससे पहले नोटों का उत्पादन बढ़ाने के लिये सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी काम पर लगाया जा चुका है। इस ईकाई की उत्पादन क्षमता 200 लाख नग नोट प्रतिदिन छापने की है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीएनपी के 1,300 नियमित कर्मचारी और 30 सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ नये नोटों को छापने का काम किया जा रहा है। उत्पादन बढ़ाने के लिये ग्वालियर और महू से सेना के 200 जवान भी यहां पिछले दो दिनों में पहुंच गये हैं। इनके ठहरने के व्यवस्था बीएनपी परिसर में कर्मचारियों के खाली मकानों में की गई है। भोजन आदि की व्यवस्था यहां तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की मेस में की गई है। बीएनपी में फिलहाल 150 लाख नग नोट प्रतिदिन छापे जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘अब यहां नये नोटों की छपाई बढ़कर ईकाई की अधिकतम क्षमता यानि 200 लाख नग नोट प्रतिदिन तक पहुंच जायेगी।’

नोटबंदी का असर नवंबर में वाहनों की बिक्री पर भी देखा गया। इस अवधि में जहां घरेलू यात्री वाहन बिक्री 1.82 प्रतिशत बढ़ी, वहीं दुपहिया वाहनों की बिक्री में पांच प्रतिशत से अधिक और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में 11 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) के जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार नवंबर में यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री बढ़कर 2,40,979 वाहन रही जो पिछले साल इसी महीने में 2,36,664 वाहन थी। सियाम ने कहा कि इस दौरान घरेलू बाजार में कार बिक्री 1,73,606 वाहन रही है जो पिछले साल इसी अवधि में 1,73,111 वाहन थी। हालांकि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री इस अवधि में 11.58 प्रतिशत घटकर 45,773 वाहन रही है। इसी दौरान सभी श्रेणियों में मिलाकर वाहनों की बिक्री 5.48 प्रतिशत गिरकर 15,63,665 वाहन रही जो नवंबर 2015 में 16,54,407 वाहन थी। सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘अक्तूबर में त्यौहारी मौसम के चलते डीलरों के पास कम सामान होने की वजह से कंपनियां नवंबर में उन्हें अच्छे से आपूर्ति कर सकीं, इसलिए थोक स्तर पर इसका प्रभाव पता नहीं चल पाएगा। लेकिन अगले महीने के खुदरा बिक्री परिणामों के बाद इसके बारे में सही सही जानकारी सामने आ सकेगी।’

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