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कोलकाता में श्यामाप्रसाद की मूर्ति के साथ तोड़फोड़

श्यामा प्रसाद के भतीजे न्यायमूर्ति चित्ततोष मुखर्जी ने इस मूर्ति पर कालिख पोतने को कायरतापूर्ण कार्रवाई करार दिया है। उन्होंने इसे बंगाल के लिए शर्मनाक दिन करार देते हुए कहा कि मूर्ति पर कालिख पोत कर कोई भी उनके सिद्धांतों को नीचा नहीं दिखा सकता है।

बुधवार को यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के पास जनसंघ के संस्थापक श्यामाप्रसाद मुखर्जी की मूर्ति के साथ तोड़फोड़ की और उसके मुंह पर कालिख पोत दी।

वामपंथी छात्र संगठन रेडिकल के सदस्यों ने बुधवार को यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के पास जनसंघ के संस्थापक श्यामाप्रसाद मुखर्जी की मूर्ति के साथ तोड़फोड़ की और उसके मुंह पर कालिख पोत दी। पुलिस ने सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और मूर्ति की मरम्मत शुरू कर दी है। भाजपा ने मूर्ति तोड़ने की निंदा की है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह कार्ल मार्क्स और लेनिन की मूर्तियों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को ही त्रिपुरा की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार सुबह ही कई लोग नारेबाजी करते हुए मौके पर पहुंचे और मूर्ति के साथ तोड़फोड़ करने लगे। रेडिकल नामक संगठन के बैनर तले आने वाले इन लोगों का नेतृत्व जादवपुर विश्वविद्यालय का पूर्व छात्र अभिषेक मुखर्जी कर रहा था। इस घटना की सूचना मिलते ही तृणमूल कांग्रेस के समर्थक मौके पर पहुंच गए। उन्होंने उन छात्रों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस मामले में गिरफ्तार छात्र जादवपुर विश्वविद्यालय में पढ़ते हैं। उन्होंने मौके पर पोस्टर भी छोड़ा था जिसमें कहा गया था कि यह त्रिपुरा की घटना का बदला है। बिजली मंत्री शोभनदेव भी तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने इस मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की सराहना की। भाजपा ने इस घटना के खिलाफ बुधवार को महानगर में प्रदर्शन किया और राज्य सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। पार्टी ने सरकार पर मुखर्जी की मूर्ति की रक्षा करने में नाकाम रहने का भी आरोप लगाया है।

इस बीच, श्यामा प्रसाद के भतीजे न्यायमूर्ति चित्ततोष मुखर्जी ने इस मूर्ति पर कालिख पोतने को कायरतापूर्ण कार्रवाई करार दिया है। उन्होंने इसे बंगाल के लिए शर्मनाक दिन करार देते हुए कहा कि मूर्ति पर कालिख पोत कर कोई भी उनके सिद्धांतों को नीचा नहीं दिखा सकता है। न्यायमूर्ति ने कहा कि बंगाल में ऐसी घटनाएं नई नहीं हैं। यहां पहले भी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति के साथ तोड़फोड़ हो चुकी है। इलाके के तृणमूल कांग्रेस विधायक व बिजली मंत्री शोभनदेव चटर्जी ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय के कुछ नक्सली छात्रों ने इस घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। कोलकाता नगर निगम ने घटना के कुछ देर बाद ही मूर्ति पर लगी कालिख साफ कर दी। अब उस मूर्ति को ढंक दिया गया है। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से बंगाल में कार्ल मार्क्स और लेनिन की मूर्तियों की सुरक्षा बढ़ाने को कहा है। दूसरी ओर, भाजपा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि वामपंथी जब भी कहीं सत्ता से बाहर होते हैं तो ऐसे ही उपायों का सहारा लेते हैं। उन्होंने वामपंथियों को राष्ट्रविरोधी तक करार दिया। प्रदेश भाजपा के महासचिव सायंतन बसु ने कहा कि श्यामा प्रसाद की मूर्ति के साथ तोड़फोड़ करने वालों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

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