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आग से सुरक्षा में लापरवाही की चिनगारी

हाल के दिनों में फिक्की की इमारत में बने प्राकृतिक संग्रहालय में आग ने प्राकृतिक इतिहास संरक्षण की अमूल्य धरोहर नष्ट कर दी थी। लापरवाही की एक छोटी चिनगारी हमें ऐतिहासिक नुकसान झेलने के लिए मजबूर कर सकती है।

FICCI बिल्डिंग में आग की फाइल फोटो

हाल के दिनों में फिक्की की इमारत में बने प्राकृतिक संग्रहालय में आग ने प्राकृतिक इतिहास संरक्षण की अमूल्य धरोहर नष्ट कर दी थी। लापरवाही की एक छोटी चिनगारी हमें ऐतिहासिक नुकसान झेलने के लिए मजबूर कर सकती है। हाल के दिनों में पूरे देश में आग लगने के ऐसे कई हादसे हुए हैं जिनमें आम लोगों के साथ उनकी मदद करने पहुंचे दमकल अधिकारी तक की मौत हो चुकी है और कई दमकल कर्मचारी बुरी तरह जख्मी हुई। आग से सुरक्षा में लापरवाही की चिनगारी दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर भी दिख रही है। और विश्वस्तरीय होने का दावा करनेवाली मेट्रो के लिए यह बात चिंता पैदा करने वाली होनी चाहिए।

दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो का विस्तार आग की तेजी से हुआ है। काम करने की दक्षता और प्रबंधन में अव्वल आने का दावा दिल्ली मेट्रो करती रही है। लेकिन मेट्रो स्टेशनों पर आग से सुरक्षा के मामले में लापरवाही सामने आई है। मेट्रो के लगभग 32 स्टेशन ऐसे हैं जिन्होंने पिछले पांच सालों के दौरान अग्नि सुरक्षा को लेकर एनओसी हासिल करने में सुस्ती दिखाई है। कई स्टेशनों पर मियाद खत्म होने के बाद नई एनओसी हासिल करने में महीनों का फासला रहा है। मेट्रो ने यह जानकारी सूचना के अधिकार के तहत अर्जी दायर करने पर दी है।

गुड़गांव स्थित आरटीआइ कार्यकर्ता सुधीर यादव ने बताया कि मैंने इस साल फरवरी में मेट्रो से उन स्टेशनों की सूची मांगी जिन्होंने मियाद पूरी होने के बाद भी अग्नि सुरक्षा की एनओसी नहीं ली है। यादव ने बताया कि इस साल आठ फरवरी को आरटीआइ की अर्जी दायर कर मेट्रो स्टेशनों की फायर एनओसी का पिछले पांच सालों का रिकार्ड मांगा था। लेकिन डीएमआरसी के पास इस बात का रिकार्ड नहीं था कि किन-किन मेट्रो स्टेशनों के पास एनओसी नहीं है। आरटीआइ के तहत वही सूचना दी जा सकती है जो दर्ज होती है।

मेट्रो ने अपने पास दर्ज रिकार्ड में से उन 32 स्टेशनों की सूची मुहैया कराई, जिन्होंने पिछले पांच सालों के अंदर मियाद पूरी होने के बाद भी एनओसी का नवीनीकरण नहीं करवाया। मेट्रो का विस्तार दिल्ली के साथ यूपी और हरियाणा के क्षेत्रों में भी हुआ है। हर राज्य में अग्नि सुरक्षा से एनओसी लेने के मापदंड अलग-अलग हैं। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में इसकी मियाद एक साल में खत्म हो जाती है। दिल्ली में यह मियाद तीन साल की होती है। अति व्यस्त हुडा सिटी सेंटर मई 2011 से लेकर मई 2012 और फरवरी 2014 से जनवरी 2016 तक बिना एनओसी के चला। धौलाकुआं स्टेशन ने 22 फरवरी 2011 को एनओसी ली थी जिसकी 21 फरवरी 2014 में मियाद खत्म हो गई।

और इस स्टेशन ने अगली एनओसी 28 अप्रैल 2014 को ली। वहीं एरोसिटी स्टेशन की मियाद दिसंबर 2013 में खत्म हुई और उसने नवीनीकरण करवाया अप्रैल 2014 में। अति व्यस्ततम नेहरू प्लेस स्टेशन की मियाद सितंबर 2013 में खत्म हुई और उसने दिसंबर 2014 में नवीनीकरण करवाया। नई दिल्ली, बदरपुर जैसे अतिव्यस्त मेट्रो स्टेशनों पर भी अग्नि सुरक्षा से एनओसी का नवीनीकरण करवाने में सुस्ती दिखाई गई। गाजियाबाद के वैशाली स्टेशन पर मेट्रो ने 2013 तक की एनओसी की सूची दी है। वहीं कीर्ति नगर स्टेशन के लिए भी 2014 तक की एनओसी का ही जिक्र किया है।

दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता मोहिंदर शर्मा ने जनसत्ता से कहा कि दिल्ली मेट्रो के सभी 158 स्टेशनों के लिए स्थानीय प्राधिकरणों ने आग से सुरक्षा के प्रमाणपत्र जारी किए हैं। हालांकि कुछ स्टेशनों पर प्रक्रियागत औपचारिकताएं पूरी करने में देरी हुई होगी, लेकिन सभी मेट्रो स्टेशनों पर आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

दिल्ली मेट्रो के सभी 158 स्टेशनों के लिए स्थानीय दमकल प्राधिकरणों ने आग से सुरक्षा के प्रमाणपत्र जारी किए हैं। हालांकि कुछ स्टेशनों पर प्रक्रियागत औपचारिकताएं पूरी करने के कारण एनओसी लेने में देरी हो सकती है लेकिन सभी मेट्रो स्टेशनों पर आग से सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं।
-मोहिंदर शर्मा, दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता

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