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केजरीवाल का एलान- बिना लाइसेंस के सीसीटीवी लगाने को देंगे मंजूरी

केजरीवाल ने कहा कि इससे चोरी रुकेगी, सड़कों पर गलत पार्किंग बंद होगी। महिलाओं के साथ अपराध में कमी आएगी। इसके साथ ही पुलिस की भी पोल खुलेगी कि क्या वाकई वह कार्रवाई करती है। मुख्यमंत्री ने संवाद में शामिल सभी लोगों से अपने सुझाव देने को कहा।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को आरडब्लूए, मार्केट एसोसिएशन और एनजीओ के साथ सीसीटीवी मुद्दे पर संवाद के दौरान एलान किया कि वे सोमवार को बिना लाइसेंस के सीसीटीवी लगाने को मंजूरी दे देंगे। उपराज्यपाल द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता लाइसेंस के पक्ष में नहीं है, सीसीटीवी कहां और कैसे लगेंगे, यह फैसला केवल जनता करेगी। केजरीवाल ने दावा किया कि सीसीटीवी लगने से अपराध में 50 फीसद तक की कमी आएगी। गौरतलब है कि दिल्ली में सीसीटीवी लगाने को लेकर उपराज्यपाल और सरकार के बीच कई बार टकराव हो चुका है।

राजधानी में 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को सभी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए), मार्केट एसोसिएशन और एनजीओ को संवाद के लिए बुलाया था। केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही सीसीटीवी लगाने की दिशा में काम शुरू कर दिया था, लेकिन उपराज्यपाल, अधिकारी और इन दोनों के माध्यम से भाजपा हमेशा रोड़े अटकाती रही, इसके बावजूद केंद्र सरकार की कंपनी बीईएल को ठेका देने का काम शुरू होने जा रहा था कि उपराज्यपाल ने कमेटी बिठा दी जिसमें कहा गया कि सीसीटीवी लगाने के लिए लाइसेंस जरूरी है।

लाइसेंस को पुलिस के पैसा खाने का एक और जरिया बताते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘ये कौन होते हैं तय करने वाले, सीसीटीवी कहां लगेगा यह क्या एलजी तय करेंगे या पुलिस तय करेगी या भाजपा तय करेगी? जनता तय करेगी, यह जनतंत्र है पुलिस राज नहीं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडब्लूए और मार्केट एसोसिएशन की जनरल बॉडी मीटिंग में सीसीटीवी कंपनी और पुलिस के स्थानीय अधिकारी शामिल होंगे और सबकी सहमति से तय होगा कि सीसीटीवी किस जगह पर लगेगा। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग पुलिस, आरडब्लूए और सरकार को मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सीसीटीवी लगने से दिल्ली के अपराध में 50 फीसद तक की कमी आ जाएगी।

केजरीवाल ने कहा कि इससे चोरी रुकेगी, सड़कों पर गलत पार्किंग बंद होगी। महिलाओं के साथ अपराध में कमी आएगी। इसके साथ ही पुलिस की भी पोल खुलेगी कि क्या वाकई वह कार्रवाई करती है। मुख्यमंत्री ने संवाद में शामिल सभी लोगों से अपने सुझाव देने को कहा। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी संवाद कार्यक्रम में शिरकत की और प्रधानमंत्री और उपराज्यपाल से महिला सुरक्षा पर राजनीति न करने की अपील की। दिल्ली सरकार ने हर विधानसभा के लिए दो-दो हजार सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव पारित किया है। इसके तहत पूरी दिल्ली में एक लाख 40 हजार सीसीटीवी कैमरे लगने हैं।

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