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Delhi Violence: अपनों की मौत के बाद शवों के लिए लंबा इंतजार

Delhi Violence: अपनों की पहचान करने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से कहा गया कि कागजी कार्रवाई पूरी होने के 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा। यही कारण है कि कई लोग हिंसा के दूसरे दिन से ही शवगृह का चक्कर लगा रहे हैं।

Author Updated: February 28, 2020 1:49 AM
दिल्ली हिंसा में मारे गए लोगों के कई लोग हिंसा के परिजन दूसरे दिन से ही शवगृह का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन हर दिन शाम को मायूस होकर घर लौट रहे थे। कई परिजन गुरुवार को एक बार फिर से इसी उम्मीद के साथ जीटीबी अस्पताल पहुंचे थे।

निर्भय कुमार पांडे

उत्तरी पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा में जहां लोगों को अपनों को खोने का गम सता रहा है, वहीं उनके शवों को लेने के लिए उनके रिश्तेदारों को जीटीबी अस्पताल के शवगृह के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ा। अपनों की पहचान करने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से कहा गया कि कागजी कार्रवाई पूरी होने के 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम किया जाएगा। यही कारण है कि कई लोग हिंसा के दूसरे दिन से ही शवगृह का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन हर दिन शाम को मायूस होकर घर लौट रहे थे। कई परिजन गुरुवार को एक बार फिर से इसी उम्मीद के साथ जीटीबी अस्पताल पहुंचे थे।

नोएडा निवासी मोहसिन को भीड़ ने बीती मंगलवार शाम को मार डाला। उनके परिजन पहले तो अपने स्तर पर काफी खोजबीन करते रहे, लेकिन जब नहीं मिला तो उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया। फेसबुक पर उसकी फोटो अपलोड कर पहचान की अपील की गई। इसी बीच, एक पुलिसकर्मी ने बताया कि एक अल्टो कार में युवक का शव मिला है, जिसके बाद मोहसीन के पिता और उनके मामा वासील अली खान जीटीबी अस्पताल पहुंचे, जहां दो घंटे के इंतजार के बाद उन्हें शवगृह में ले जाया गया, जहां उन्होंने शव की पहचान अपने बेटे मोहसीन के तौर पर की। उसके भाई मुस्तकीम ने बताया कि करीब दो महीने पहले नौ दिसंबर 2019 को उसकी शादी हुई थी। उसकी पत्नी गर्भवती है।

पिता का उठा साया
करावल नगर के भगीरथी विहार में रहने वाले मुशर्रफ (35) की बेटी मुस्कान ने बताया कि हिंसा के वक्त उनके पिता घर में मौजूद थे। जिस मकान में उनके पिता की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। उसमें दो महीने पहले ही किराए पर रहने के लिए आए थे। उनके परिवार में मां, बहन खुशी और दो साल का भाई रेहान है। उन्होंने बताया कि भीड़ आई और उनके पिता को सीढ़ियों से घसीटते हुए नीचे ले गई और उनकी जमकर पिटाई कर दी। हिंसा में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी पत्नी उन्हें अन्य लोगों की मदद से अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अब भी लग रहा है डर
जीटीबी अस्पताल के शवगृह के बाहर इंतजार कर रहे मुदस्सिर खान (35) की पत्नी आइशा ने बताया कि सुबह आठ बजे वह अस्पताल पहुंच गई थीं, लेकिन प्रशासन की ओर से यही कहा गया कि फिलहाल पोस्टमार्टम चल रहा है। उन्होंने बताया कि जल्दी ही शव मिल जाएगा, जिसके बाद वह अंतिम संस्कार करेंगे। मुदस्सिर के परिवार में पत्नी, छह बेटियां और तीन बेटे हैं। उनके भाई अरबाज ने बताया कि मुस्तफाबाद में हालात हालात सामान्य हो रहे हैं, लेकिन लोगों में अब भी डर कायम है। करदमपुरी में सोमवार को मुदस्सिर जब अपने घर के बाहर थे तभी भीड़ ने उन पर हमला कर दिया।

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