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दिल्ली: सेंट स्टीफेंस कॉलेज के गिरिजाघर के दरवाजे पर लिखा- मंदिर यहीं बनेगा

दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज स्थित गिरिजाघर के दरवाजे पर शरारती तत्वों ने कथित तौर पर मंदिर बनाए जाने की बात लिखी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चर्च के दरवाजे पर रोमन लिपि में काले अक्षरों में लिखा गया- ''मंदिर यहीं बनेगा।''

Author May 5, 2018 9:24 PM
(एक्सप्रेस फाइल फोटो)

दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज स्थित गिरिजाघर के दरवाजे पर शरारती तत्वों ने कथित तौर पर मंदिर बनाए जाने की बात लिखी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चर्च के दरवाजे पर रोमन लिपि में काले अक्षरों में लिखा गया- ”मंदिर यहीं बनेगा।” कहा जा रहा है कि गिरिजाघर के बाहर बने ईसाइयों के धार्मिक चिन्ह को भी विकृत देखा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विश्वविद्यालय सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार (4 मई) की शाम को इस तरह की छेड़छाड़ देखी गई थी और शनिवार को लिखे गए नारों को मिटाने का काम शुरू किया गया। स्टीफेंस के एक छात्र ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर मीडिया को बताया कि ”कुछ छात्रों का शुक्रवार को पहले ही इस छेड़छाड़ पर ध्यान गया था, लेकिन मैंने शनिवार तड़के इसे देखा। कुछ देर बाद मैंने देखा कि स्टाफ ने नारों को मिटाने का काम शुरू कर दिया था। शनिवार की दोपहर तक सभी नारे मिटा दिए गए थे।”

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रॉकी तुसीद ने कहा कि वह संबंधित अधिकारियों के सामने इस मामले को उठाएंगे। तुसीद ने एएमयू विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश की गई है। कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई की तरफ से भी बयान दिया गया। एनएसयूआई के मीडिया इंचार्ज नीरज मिश्रा ने कहा- ”सेंट स्टीफन कॉलेज छात्रों को उत्कृष्ट गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में एक चमकदार बीकन के तौर पर रहा है और युवा दिमाग को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिसका नीति बनाने के फैसलों में सकारात्मक असर देखा गया है। इस प्रकार की घटना से संस्थान के भवन और जिस भारत के विचार की भावना के साथ यह खड़ा है उसको नुकसान पहुंचा है। यह घटना निंदाजनक है और जो लोग इसमें दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”

बीजेपी की छात्र शाखा एबीवीपी की तरफ से भी इस घटना की निंदा की गई और बयान में कहा गया कि जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय एक्जिक्यूटिव काउंसिल के सदस्य राजेश कुमार ने कहा- हम पूरी तरह से इस घटना की निंदा करते हैं। ऐसी घटनाएं मौजूदा सरकार के आने के बाद से बढ़ी हैं। शिक्षा के प्रति उनका दृष्टिकोण सामाजिक न्याय विरोधी है। इसलिए ऐसी घटनाएं होती हैं।”

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