राष्ट्रीय राजधानी की आजादपुर मंडी के पास एक सब्जी ट्रांसपोर्टर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई । मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी राहुल गांव लिबासपुर निवासी शिव कुमार उर्फ रारी का बेटा है। दिल्ली पुलिस के अनुसार महेंद्र पार्क थाना की पुलिस टीम ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया।
अधिकारियों ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया सब्जी काटने वाला चाकू भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इस मामले में अभी और जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
एक अन्य मामले में उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी में 15 वर्षीय युवक की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या इसलिए कर दी गई, क्योंकि उसके बड़े भाई की एक आरोपी की पत्नी के साथ दोस्ती थी। पुलिस ने सोमवार को बताया कि पीड़ित की पहचान हसरत के रूप में हुई है। आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं जिनमें दिलशाद, इरफान व इमरान आपस में भाई हैं जबकि रिजवान उनका करीबी संबंधी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हसरत के भाई हकीम की रिजवान की पत्नी मन्नत के साथ पिछले पांच से छह वर्षों से कथित दोस्ती थी जो इस घटना का कारण बनी। 2024 में हकीम की दूसरी महिला से शादी होने के बावजूद, उसने वह संबंध जारी रखा, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव पैदा हुआ। ईद पर मन्नत ने हकीम की वजह से कथित रूप से दुर्व्यवहार किया जिसके बाद यह आरोपियों के घर पहुंच गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तब से ही आरोपियों के मन में उसके प्रति द्वेष था।
रविवार शाम करीब छह बजे चारों ने रामलीला मैदान में हसरत पर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि पीड़ित पर चाकू से कई बार वार किया गया और उसे गंभीर हालत में बाबू जगजीवन राम मेमोरियल (बीजेआरएम) अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शी हकीम ने बताया कि हसरत पर आरोपियों ने हमला किया था, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
यह भी पढ़ें – दिल्ली के निजी स्कूलों में मनमानी खत्म, अभिभावक कहीं से भी खरीदें किताबें और यूनिफॉर्म
राजधानी दिल्ली के निजी स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकानदार से किताबें और पोशाक खरीदने के लिए दबाव नहीं बना सकते हैं। दिल्ली सरकार ने किताबों, पोशाक और अन्य शैक्षणिक सामग्रियों की बिक्री के संबंध में सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक, स्कूलों को अपने आस-पास के कम से कम पांच या उससे अधिक विक्रेताओं के नाम, पता और फोन नंबर बताने होंगे, जहां से छात्र किताबें और पोशाक खरीद सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
