राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में साल 2024 में महिलाओं और बुजुर्गों के खिलाफ 19 मेट्रो शहर की तुलना में सबसे अधिक अपराध दर्ज किए गए। यह ताजा आंकड़े एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) ने बुधवार को जारी किए हैं। एनसीआरबी ने यह भी बताया कि दिल्ली में नाबालिगों द्वारा अपराध करने की दर में बढ़ोतरी हुई है। इतना ही नहीं चोरी के मामलों में भी इस शहर में सबसे अधिक रिपोर्ट किए गए।

2024 में दिल्ली दर्ज अपराध के मामलों की संख्या में 2023 की तुलना में करीब 15 फीसदी और 2022 की तुलना में 8.8 फीसदी की गिरावट देखी गई, हालांकि इसके बावजूद भी यह अन्य शहरों के मुकाबले में सबसे ऊपर रहा। 2024 में दिल्ली में दर्ज मामलों की संख्या 2,75,402 थी, वहीं, मुंबई 51,428 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

कितने मामले हुए 2024 में दर्ज?

जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 13,396 मामले दर्ज हुए, जबकि बुजुर्गों के खिलाफ यह अपराध 1267 रहे, जो अन्य शहरों के मुकाबले 30 फीसदी अधिक हैं।

नाबालिगों द्वारा अपराध भी बढ़े

दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराध की दर सबसे अधिक दर्ज की गई, जो 41.6 फीसदी रही। जबकि राष्ट्रीय औसत 7.9 फीसदी से कहीं ज्यादा है। इस साल दिल्ली में चोरी के भी कुल 1,80,973 मामले दर्ज किए गए जबकि पूरे देश में ऐसे 6,21,945 दर्ज किए गए।

बुजुर्ग बनते हैं आसान शिकार

आकंड़ों के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में मामूली कमी दिखी, साल 2023 में यह 1361 मामले थे, जो 2024 में घटकर 1267 रहे गए। हालांकि अन्य शहरों के मुकाबले यह सबसे ऊपर है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, बुजुर्ग लोग अकेलेपन और बहकावे की वजह से अपराधों का आसानी से शिकार बन जाते हैं, कई बुजुर्ग पॉश इलाकों में अकेले रहते है, जिससे उनके यहां चोरी और लूटपाट करना अपराधियों के आसान रहता है।

दिल्ली में रेप के 1058 मामले सामने आए

दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ 2024 में 13,396 मामले दर्ज हुए, जो अन्य शहरों के मुकाबले कई गुना है। 2023 में भी कुछ ऐसे ही मामले दर्ज किए गए, उस दौरान इन मामलों की संख्या 13,439 थी।

2024 में दिल्ली में महिलाओं के साथ रेप के 1058 मामले दर्ज किए गए, जो अन्य मेट्रो शहरों के मुकाबले अधिक थे। एनसीआरबी ने बताया जयपुर 497 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि सभी शहरों में दर्ज रेप के कुल मामलों में से एक-चौथाई से अधिक मामले दिल्ली के ही थे। हालांकि, दर्ज किए गए 1058 मामलों में से 1044 मामलों में पर्याप्त सबूत नहीं पाए गए।

अधिकारी ने कहा, “यह सच है कि अन्य शहरों के मुकाबले दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ सबसे अधिक मामले दर्ज हुए। यह इसलिए भी है कि यहां हम शिकायत को तुरंत दर्ज करते हैं। यहां कई फर्जी रेप केस भी हैं, जो ब्लैकमेल करने के लिए दर्ज कराए जाते हैं। लेकिन ट्रायल पूरा होने तक ये केस आधिकारिक रिकॉर्ड पर बने रहते हैं।”

अपहरण और अगवा के मामले बढ़े

अपहरण और अगवा के मामले भी दिल्ली में अन्य शहरों के मुकाबले अधिक दर्ज किए गए। 2024 में यहां 5580 मामले दर्ज किए गए, जो करीब कुल मामलों का 35 फीसदी है। मुंबई इस मामले में 1854 केसों के साथ दूसरे नंबर पर रहा।

नाबालिगों द्वारा किए गए अपराध के मामलों में भी दिल्ली सबसे ऊपर रहा, यहां 2024 में 2306 केस दर्ज हुए, जो 2023 में 2278 था। जबकि देश में यह औसतन 7.9 फीसदी रहा। सिर्फ मध्य प्रदेश (3474) और महाराष्ट्र में (3779) अधिक मामले दर्ज किए गए।

हत्या के मामले में गिरावट आई

हालांकि हत्या के मामले में दिल्ली में गिरावट दर्ज किए गए, 2024 में यह 504 केस दर्ज हुआ। जबकि साल 2023 में यह 506 और 2022 में यह 509 दर्ज हुआ था।

साइबर क्राइम के मामलों में दिल्ली में 404 मामले दर्ज हुए। जबकि साल 2023 में यह 407 था और 2022 में यह 685 दर्ज हुआ था। साइबर क्राइम के मामले दिल्ली में 1.8 फीसदी दर्ज हुए जबकि देश में इसका औसत 7.3 रहा।

अधिकारी ने कहा, “हमने फर्जी अकाउंट (म्यूल अकाउंट) खोलने के आरोप में अब बैंक के अधिकारियों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया है, इसलिए उनपर मुकदमा चलने की संभावना ने कुछ हद तक राहत का काम किया है।”

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दिल्ली पुलिस ने इस साल फरवरी में पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास हुए तीन हत्याओं के मामले में एक बड़ा खुलासा करते हुए 527 पन्नों का आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया है। इस मामले में खुद को स्वयंभू जैसा बताने वाला एक व्यक्ति कमरुद्दीन उर्फ बाबा को ही एकमात्र आरोपी बनाया गया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बाबा पर कुल मिलाकर कम से कम छह लोगों की हत्या करने का आरोप है, जो उसने “धनवर्षा” नामक तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर की। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें