Delhi Summer Water Plan: राजधानी में इस बार गर्मियों में बूंद-बूंद पानी का हिसाब रखा जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली जल बोर्ड के ‘ग्रीष्मकालीन कार्ययोजना-2026’ की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक हुई। पानी के टैंकरों की निगरानी के लिए जीपीएस और मोबाइल एप तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
बैठक में जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ कौशल राज शर्मा के अलावा बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पानी की कमी वाले क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए टैंकर व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया है।
आपूर्ति के लिए होगा टैंकर्स का इस्तेमाल
दिल्ली जल बोर्ड के 168 विभागीय टैंकर और 819 किराए के टैंकर पानी की आपूर्ति के लिए लगाए गए हैं। टैंकर व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक ड्राइवर मोबाइल एप विकसित किया गया है। इस एप के माध्यम से टैंकरों की जीपीएस आधारित निगरानी की जाएगी और पानी की आपूर्ति की फोटो के साथ पुष्टि दर्ज होगी।
इससे संबंधित अधिकारी वास्तविक समय में निगरानी कर सकेंगे और नागरिक भी अपने क्षेत्र में भेजे गए टैंकरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीष्मकालीन कार्ययोजना के तहत कालोनी के हिसाब से पानी की आपूर्ति के घंटे, टैंकरों के रूट, पानी की कमी वाले स्थान और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान शामिल की गई है जिससे जरूरत के अनुसार तुरंत कार्रवाई की जा सके।
समाधान के लिए बनेगा कॉल सेंटर
उन्होंने बताया कि पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी कार्ययोजना का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। जल बोर्ड द्वारा प्रतिदिन लगभग 1600 से 1700 पानी के नमूनों की जांच की जाती है। इसके लिए जल शोधन संयंत्रों पर प्रयोगशालाएं और शहर के विभिन्न हिस्सों में क्षेत्रीय प्रयोगशाला (जोनल लैब) कार्यरत हैं। इसके अलावा पानी की निगरानी के लिए नमूना वाहनों (सैंपलिंग व्हीकल) की संख्या 12 से बढ़ाकर 18 की जा रही है।
शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए डीजेबी का 24×7 कॉल सेंटर भी सक्रिय है। 1916 और 1800117118 (टोल-फ्री) नंबर पर किसी भी समय शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम के दौरान पानी की मांग बढ़ जाती है, जबकि उत्पादन लगभग समान रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए ग्रीष्माकालीन कार्ययोजना तैयार की गई है जिससे राजधानी के सभी इलाकों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
गर्मियों के लिए विशेष इंतजाम
जल बोर्ड अधिकारियों ने जानकारी दी कि दिल्ली की आबादी लगभग 2.5 करोड़ है और मानक के अनुसार राजधानी को प्रतिदिन लगभग 1,250 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) पानी की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में लगभग 1,000 एमजीडी पानी उपलब्ध हो रहा है। इस अंतर को ध्यान में रखते हुए गर्मियों के लिए विशेष प्रबंधन किया गया है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ग्रीष्माकालीन कार्ययोजना के तहत दिल्ली के सभी जलशोधन संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) से अधिकतम जल उत्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही भूमिगत और सतही जलाशयों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की मरम्मत, उपकरणों का रखरखाव और पाइपलाइन रिसाव (लीकेज) की निगरानी व मरम्मत जैसे कार्य पहले ही पूरे कर लिए गए हैं, जिससे गर्मियों में जलापूर्ति बाधित न हो।
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