ताज़ा खबर
 

घूसखोरी में जज गिरफ्तार, भेजी गई तिहाड़ जेल

सीबीआइ ने तीस हजारी अदालत की एक वरिष्ठ न्यायाधीश को एक वकील से कथित तौर पर चार लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

Author नई दिल्ली | September 30, 2016 12:34 AM

सीबीआइ ने तीस हजारी अदालत की एक वरिष्ठ न्यायाधीश को एक वकील से कथित तौर पर चार लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उनके साथ उनके पति आलोक लखनपाल और एक अन्य वकील को भी दबोचा गया है। इस मामले में जांच एजंसी ने हाई कोर्ट को सूचना दे दी है। गिरफ्तारी के बाद हाई कोर्ट ने जज रचना लखनपाल को निलंबित पर दिया है। हाई कोर्ट ने जांच कमेटी बनाई है। सीबीआइ के सूत्रों ने कहा कि तीस हजारी अदालत की सिविल न्यायाधीश रचना तिवारी लखनपाल को एक वकील के जरिए एक वकील से चार लाख रुपए कथित तौर पर लेते हुए गिरफ्तार किया गया। जज ने वकील को एक मामले में स्थानीय आयुक्त नियुक्त किया था।


और इसी एवज में रिश्वत मांगी जा रही थी। जांच एजंसी ने कहा कि यह आरोप लगाया गया कि उनके द्वारा मांगे गए 20 लाख रुपए में से चार लाख रुपए पहली किश्त के तौर पर दिए जा रहे थे। सूत्रों ने कहा कि उन्हें गुरुवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी न्यायाधीश को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत और उसके वकील पति को दो दिन की सीबीआइ हिरासत में भेजा। इस मामले में दो लोगों से पूछताछ जारी है।

माना जा रहा है कि इस मामले में एक-दो गिरफ्तारी और हो सकती है। जानकारी के मुताबिक सीबीआइ ने महिला जज के घर की तलाशी ली। जहां से भारी नगदी भी मिली है। सूत्रों की माने तो वहां से तलाशी के दौरान 94 लाख रुपए की नकदी बरामद की गई है। बता दें कि खुफिया जानकारी मिलने पर सीबीआइ ने गुरुवार को जज रचना तिवारी लखनपाल के घर पर छापा मारा।

आरोप है कि वह जिस वकील से रिश्वत ले रही थीं, उन्होंने स्थानीय आयुक्त नियुक्त किया था। महिला जज व उनके पति को गिरफ्तार करने के बाद मेडिकल कराया गया। इसके बाद दोनों को विशेष जज संजय गर्ग की अदालत में पेश किया गया जहां आरोपी जज को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ भेज दिया गया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App