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सम-विषम योजना अमल में आई, दिल्ली ने दिखाया देश को रास्ता

राजधानी की आबोहवा दुरुस्त करने के लिए नए साल के पहले दिन से दिल्ली सरकार की महत्त्वाकांक्षी सम-विषम योजना अमल में आ गई और इसका असर भी दिखा..

Author नई दिल्ली | January 2, 2016 1:39 AM
अध्ययन बताते हैं कि सम-विषम फार्मूला लागू रहने के दौरान दिल्ली में वायु प्रदूषण में कोई खास कमी नहीं आई, अलबत्ता सड़क जाम से जरूर राहत मिली।

राजधानी की आबोहवा दुरुस्त करने के लिए नए साल के पहले दिन से दिल्ली सरकार की महत्त्वाकांक्षी सम-विषम योजना अमल में आ गई और इसका असर भी दिखा। सड़कों पर कम संख्या में वाहन दिखाई दिए। नियम का उल्लंघन कर रहे कई लोगों के दिल्ली पुलिस ने चालान काटे और कइयों को चेतावनी देकर वापस घर जाने के लिए कहा गया। नए कायदे से बाहर से दिल्ली आने वाले प्राइवेट वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली की सीमा में प्रवेश पाने के लिए उन्हें शाम आठ बजे तक का इंतजार करना पड़ा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सुबह ही इस प्रयोग की सफलता का दावा कर दिया। शाम को दिल्ली के दो मंत्रियों गोपाल राय और सत्येंद्र जैन ने वायु प्रदूषण के कम होने का दावा भी कर दिया। भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह को उस समय रोक दिया गया जब वह सम रजिस्ट्रेशन नंबर वाली अपनी कार में यात्रा कर रहे थे।

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शुक्रवार से प्रभावी हुई इस योजना पर विपक्ष ने सधी हुई प्रतिक्रिया जाहिर की है। कांग्रेस ने जहां इस योजना को लेकर केजरीवाल सरकार को मौका देने की बात कही है, वहीं भाजपा ने कहा है कि इस योजना के लागू होने में व्यावहारिक समस्या है। बहरहाल, नए साल के पहले दिन सड़कों पर आम दिनों से कम लोग निकले। हालांकि योजना की असली परीक्षा सोमवार को होगी क्योंकि काफी निजी कार्यालय आज बंद थे। साथ ही स्कूलों में भी सर्दी की छुट्टियां चल रही हैं। इससे भी सड़कों पर स्वाभाविक रूप से यातायात कम है। बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के प्रयासों के तहत देश में नई पहल करते हुए दिल्ली सरकार की महत्त्वाकांक्षी सम-विषम योजना की निगरानी के लिए शहर में जहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, वहीं सार्वजनिक वाहनों की संख्या भी बढ़ाई गई।

शुक्रवार सुबह घड़ी में आठ बजते ही वाहनों की संख्या को सीमित करने वाली नीति अमल में आ गई। हजारों की संख्या में स्वयंसेवक हाथों में गुलाब लिए सड़कों पर योजना को लागू करवाने में दिल्ली यातायात पुलिस की मदद करते देखे गए। वैसे ज्यादातर स्वयंसेवक दोपहर बारह बजे तक ही सक्रिय दिखाई दिए। उसके बाद उनमें से ज्यादातर को इधर-उधर देखा गया। योजना एक जनवरी से 15 जनवरी के बीच प्रभावी रहेगी। नए साल के पहले दिन सड़कों पर आम दिनों से कम लोग निकले।

शहर की सड़कों पर विषम पंजीकरण नंबर प्लेट वाली निजी कारें उतरीं, लेकिन सम नंबर वाले वाहनों को चलाने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत दो हजार रुपए का जुर्माना लगा। शनिवार को इसके उलट सम संख्या वाली कारें सड़कों पर लाने की अनुमति होगी और विषम नंबर वालों पर जुर्माना लगेगा। कामकाजी दिनों में रात आठ बजे तक प्रभावी रहने वाली योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस की 200 टीमें, यातायात विभाग की 66 टीमें और एसडीएम की 40 टीमों को शहर भर में तैनात किया गया। योजना के शुरू होने के समय शहर में वायु की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई थी और दिल्ली सचिवालय समेत कई इलाकों में प्रदूषण स्तर काफी ज्यादा था। सचिवालय परिसर में बहुत अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया था। सार्वजनिक यातायात को मजबूत बनाने के लिए शहर में अतिरिक्त तीन हजार बसों को भी उतारा गया है और साथ ही मेट्रो के 70 अतिरिक्त फेरे लगाने की व्यवस्था की गई है।

शुक्रवार को अपने सरकारी आवास से सचिवालय के लिए निकले इस योजना पर लोगों की प्रतिक्रिया से उत्साहित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप सरकार की प्रायोगिक पहल ‘एक आंदोलन’ में बदल गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती रिपोर्टो के अनुसार, योजना ‘काफी सफल’ रही है और राष्ट्रीय राजधानी में लोगों ने खुले दिमाग से प्रतिबंध को व्यापक तौर पर स्वीकार किया है। योजना तभी सफल होगी जब लोग बल प्रयोग से नहीं बल्कि खुद से अपनाएं। यह एक आंदोलन बन गया है और अब तक लोगों की जो प्रतिक्रिया मिली है उससे वे वास्तव में उत्साहित करने वाली हैं। केजरीवाल ने अपने आवास के बाहर संवाददाताओं को कहा कि दिल्ली बाकी देश को रास्ता दिखाएगी।

लोगों के लिए नजीर बनने के लिए दिल्ली सरकार के मंत्री अलग-अलग साधन से दिल्ली सचिवालय पहुंचे। केजरीवाल ने सचिवालय तक आने के लिए यातायात मंत्री गोपाल राय और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ कार साझा की। वे उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में रहते हैं। मंत्री कपिल मिश्र अपनी बाइक से दिल्ली सचिवालय पहुंचे। मंत्री इमरान हुसैन पुरानी दिल्ली स्थित बल्लीमरान से बैट्री रिक्शा के जरिए सचिवालय के लिए निकले। मंत्री संदीप कुमार बस से दिल्ली सचिवालय पहुंचे।

दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने एक बार फिर जनता से इस योजना को लेकर 15 दिनों की अवधि में पुलिस बल के साथ सहयोग की अपील की। बस्सी ने कहा कि वे लोगों से अपील करते हैं कि वे 15 दिनों के लिए दिल्ली यातायात पुलिस के साथ सहयोग करें। उन्होंने साथ ही आश्वासन दिया कि शहर भर में योजना के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को योजना के बारे में जागरूक करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। हालांकि नियम का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगेगा।

विषम नंबर प्लेट वाली अपनी कार से सचिवालय पहुंचे उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मुख्यमंत्री के विचारों से सहमति जताते हुए कहा कि लोगों ने इस पहल को अपने ‘खुद के मिशन’ के तौर पर स्वीकार किया है। सिसोदिया ने कहा कि सरकार केवल उनका सहयोग कर रही है। यह आदर्श स्थिति है।

कुछ इलाकों में पुलिस ने उल्लंघनकर्ताओं पर जुर्माना लगाया जबकि स्वयंसेवकों और नागरिक रक्षा कर्मियों ने विनम्रता के साथ उन्हें गुलाब भेंट कर उनकी गलती बताई। यातायात पुलिस की मदद से दिल्ली सरकार ने इस योजना की शुरुआत से पहले गुरुवार को इसका पूर्वाभ्यास किया था और शहर के कई हिस्सों में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक पुलिस की दलों की मदद करते देखे गए।

राजधानी में प्रदूषण के खतरनाक स्तर के मद्देनजर योजना की सफलता की जरूरत पर जोर दे रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वयंसेवकों को खास तौर पर चेताया है कि वे लोगों से ‘बहस या दुर्व्यवहार’ न करें। दिल्ली पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने योजना के कार्यान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

दिल्ली सचिवालय के बाहर एक डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है जिसमें सुबह नौ बजकर 30 मिनट पर 360 और 480 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर निलंबित पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) क्रमश: 2.5 और 10 दर्शाया गया है जो कि सुरक्षित सीमा के तय मानक क्रमश: 60 और 100 माइक्रोग्राम की तुलना में कई गुना ज्यादा है। तय मानक से अधिक पीएम में लंबे समय के लिए जाने पर श्वांस प्रणाली को नुकसान हो सकता है। पार्टिकुलेट मैटर 2.5 का स्तर 250 के आंकड़े से आगे जाने पर वायु की गुणवत्ता को भारतीय प्राधिकारी ‘हानिकारक’ मानते हैं।

सुबह करीब नौ बजे अपने दुपहिया वाहन से सचिवालय पहुंचे दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा उन्होंने ट्वीट किया : वाह दिल्ली, सम-विषम फार्मूले को सफल बनाने के लिए आपका शुक्रिया। बाइक पर अभी-अभी ही कार्यालय पहुंचा। कोई भीड़भाड़ नहीं। दिल्ली अपनी इच्छा से पालन कर रही है।

बहरहाल शुक्रवार को पाबंदी के अमल में आने के 33 मिनट बाद आइटीओ चौराहे पर नियम का उल्लंघन करने वाले पहले व्यक्ति का पुलिस ने चालान किया । नियम का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर 2000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

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