आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली की भाजपा सरकार परमगरीबों के लिए मिलने वाले सब्सिडी वाले चावल में बड़ा ‘राइस स्कैम’ करने का आरोप लगाया है। हालांकि, दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इन आरोपों को झूठा, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया।
रविवरा को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सिरसा के विभाग की सिफारिश पर भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने असम की एक सरकारी निगम को हर सप्ताह 31000 मीट्रिक टन चावल रियायती दर पर देने की मंजूरी दी। उन्होंने दावा किया कि गरीबों में बांटने के बजाय इस चावल को हरियाणा की एक निजी कंपनी को दोगुनी कीमत पर बेच दिया गया।
आम आदमी पार्टी के आरोप
सौरभी भारद्वाज ने कहा कि 23 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया चावल कथित तौर पर 46 रुपये प्रति किलो में खुले बाजार में एक निजी कंपनी को बेचा जा रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया, ”इस तरह हर किलो चावल पर करीब 23 रुपये का कमीशन कमाया जा रहा था। यानी हर सप्ताह 31000 मीट्रिक टन चावल करीब 143 करोड़ रुपये में बेचा जाता और लगभग 70-71 करोड़ रुपये कमीशन के रूप में कमाए जाते। अगर यह योजना तीन साल तक चलती तो करीब 22000 करोड़ रुपये का चावल निजी कंपनी को बेचा जाता और लगभग 11000 करोड़ रुपये का कमीशन कमाया जाता।”
सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, 7 जनवरी को असम की उस सरकारी निगम ने मनजिंदर सिंह सिरसा को पत्र लिखकर दिल्ली के गरीबों के लिए सस्ता चावल खरीदने और वितरित करने का प्रस्ताव दिया था। उनका आरोप है कि मंत्री ने इस पत्र को चार महीने तक लंबित रखा और फिर 8 अप्रैल को इसे सचिव या खाद्य आयुक्त के बजाय विशेष आयुक्त को यह टिप्पणी लिखकर भेजा कि नियमों के अनुसार इस पर सकारात्मक विचार किया जाए।
उन्होंने दावा किया कि उसी दिन अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार झा ने FCI को इस मामले को ‘अत्यावश्यक’ बताते हुए ईमेल भेजा। इसके बाद 13, 16 और 17 अप्रैल को भी लगातार ईमेल किए गए। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जब केंद्र सरकार के सतर्कता विभाग (विजिलेंस) को इस कथित व्यवस्था की जानकारी मिली तो अरुण कुमार झा को निलंबित कर दिया गया।
उन्होंने कहा, ”सिर्फ अरुण कुमार झा को निलंबित करना पूरी तरह गलत है। अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है जबकि मंत्री और मुख्यमंत्री को बचाया जा रहा है।” बुराड़ी से AAP विधायक संजीव झा ने कहा, ”केंद्र सरकार को इस मामले की जांच ईडी और सीबीआई से करानी चाहिए तथा खाद्य मंत्री और मुख्यमंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए।”
मनजिंदर सिंह सिरसा ने किया खंडन
वहीं मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए लिखा, ”सौरभ भारद्वाज और संजीव झा ने आज फिर मेरे खिलाफ बेबुनियाद, झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए हैं। उनका मकसद सिर्फ मेरी छवि खराब करना है। यह उनकी पुरानी कार्यशैली बन चुकी है लेकिन अब बहुत हो चुका।”
सिरसा ने आगे कहा, ”मैं सौरभ भारद्वाज और संजीव झा को 24 घंटे का समय देता हूं कि वे अपने झूठे आरोप वापस लें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो मैं दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा और उन्हें अदालत में जवाब देना होगा। माफी मांगिए नहीं तो कोर्ट में मिलिए।”
ताहिर हुसैन को उम्र कैद सजा मिलने पर सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर बोला हमला
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा सुना दी है। इसके बाद आप के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जैसे ही ये आरोप ताहिर पर लगा था आप ने उसे पार्टी से निकाल दिया था।
