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दिल्ली: दिवाली से पहले प्रदूषण का स्तर खतरनाक, दर्जनों सिगरेट के धुंए जितनी खराब हुई हवा

दिल्ली की हवा में प्रदूषण की मात्रा लगातार बढ़ती ही जा रही है। विशेषज्ञों की माने तो हवा की दिशा बदलने और और दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में रोक के बावजूद पराली जलाने के कारण दिल्ली की हवा बेहद ही ख़राब हुई है।

दिल्ली वायु प्रदूषण फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस

दिल्ली की हवा में प्रदूषण की मात्रा लगातार बढ़ती ही जा रही है। दीवाली से एक दिन पहले ही दिल्ली में साँस लेना मुहाल हो गया है। हवा में प्रदूषण इस कदर है कि 20 से 25 सिगरेट जलने के बराबर प्रदूषित हवा हम सांस के रूप में लेने पर मजबूर है। इससे बीमारियों के होने का खतरा और बढ़ गया है। विशेषज्ञों की माने तो हवा की दिशा बदलने और और दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में रोक के बावजूद पराली जलाने के कारण दिल्ली की हवा बेहद ही ख़राब हुई है। अगर दिवाली के दिन अत्यधिक पटाखे जलाये गए तो हालात और ख़राब होंगे। हालाँकि कोर्ट ने तय समयसीमा में ग्रीन पटाखे ही जलाने के आदेश दिए है।

देश की राजधानी में रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 171 पर था लेकिन सोमवार को यह बढ़ कर 418 के स्तर तक पहुँच गया। दिल्ली वालों के लिए रविवार का दिन पिछले तीन सप्ताह में सबसे साफ़ था, ये जानकारी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा दिए आंकड़ों से प्राप्त हुई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 30 अक्टूबर को सबसे खतरनाक स्तर पर पहुँच गया था। धुंध ने दिल्ली के अलावा उसके आसपास के इलाके को भी अपनी चपेट में ले लिया है। इन दिनों फेफड़े के कैंसर और व किसी दूसरी बीमारी के कारण सर्जरी कराने वाले मरीजों का जीवन प्रदूषण बढ़ने से खतरे में है।

ज्ञात हो की एयर क्वालिटी इंडेक्स शून्य से 50 होने पर हवा को अच्छा माना जाता है, 51 से 100 पर संतोषजनक, 101 से 200 के बीच होने पर सामान्य, 201 से 300 होने पर ख़राब और 401 से 500 के बीच होने पर उसे गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। वर्तमान में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5, 361 के स्तर पर तथा पीएम 10, 500 के खतरनाक स्तर पर पहुँच गया। एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 24% है।

फिलहाल अधिकारीयों ने प्रदूषण से निपटने के लिए प्रयास की गति को और बढ़ा दिया है। सभी निर्माण की गतिविधियों को रोक दिया गया है। यातायात पुलिस को वाहनों के प्रदूषण को चेक करने में तेजी लाने के लिए कहा गया है। 1 से 10 नवंबर तक ‘स्वच्छ हवा अभियान’ नाम से से एक मुहिम भी चलाई जा रही है, ताकि प्रदूषण फ़ैलाने वाली गतिविधियों पर नजर रख उनकी रिपोर्ट भी की जाये। गौरतलब है कि इस अभियान के तहत पिछले तीन दिनों में 1 करोड़ रूपये तक जुर्माना लगाया जा चुका है।

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