दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने की कोशिश के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज कर ली है। दो एफआईआर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने और एक कनॉट प्लेस पुलिस थाने में दर्ज की गई है।
शुक्रवार को मुंबई और दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन वोटर लिस्ट के एसआईआर प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के बीच किया गया।
किन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर?
लोगों के जमा होने की कोशिश के बाद ये तीनों एफआईआर दर्ज की गई है। ये तीनों एफआईआर शुक्रवार को बीएनएस की उन धाराओं में दर्ज हुई है जो मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारी के आदेश का पालन न करने, सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने, सरकारी कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक बल का इस्तेमाल करने और कई लोगों द्वारा एक ही उद्देश्य से किए गए कामों से जुड़ी है।
मुंबई के शिवाजी पार्क में जहां कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में आप के नेताओं, वामपंथी छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश करने पर हिरासत में ले लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में आप दिल्ली के प्रमुख सौरभ भारद्वाज, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, योगेंद्र यादव और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा शामिल थे।
लगाए गए थे बैरिकेड
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी थी। प्रदर्शनकारियों को तय प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली में बैरिकेड लगाए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। सुरक्षा इंतजामों के तहत सेंट्रल दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट भी कुछ समय क लिए बंद कर दिए गए थे।
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को देश में सियासी माहौल बेहद गर्म रहा। नई दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में लोग पहुंचे और उन्होंने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को दोहराया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
