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दिल्ली पुलिस भर्ती घोटाला: तीन ऐडमिट कार्ड पर एक ही शख्स का फोटो, पकड़े गए आरोपी

धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब लिखित परीक्षा देने वाले आवेदकों के प्रवेश पत्र उनकी फिजिकल एग्जाम से पहले जांचे गए। इस साल, पहली बार, फिजिकल एग्जाम के लिए उपस्थित होने वाले आवेदनों की अलग-अलग तस्वीरें खींची गईं, और विसंगति का पता तब चला जब दोनों परीक्षाओं में बैठने वाले आवेदकों की तस्वीरें मेल नहीं खातीं।

दिसंबर 2020 में हुई थी लिखित परीक्षा। सांकेतिक तस्वीर

बुधवार को दिल्ली पुलिस के कांस्टेबलों की भर्ती के लिए फिजिकल ट्रेनिंग में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के दस्तावेजों के माध्यम से एक ही उम्मीदवार की तस्वीर वाले तीन एडमिट कार्ड मिलने का मामला सामने आया था। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के दो भाइयों सहित तीन लोग, जिन्होंने दिल्ली पुलिस भर्ती के लिए परीक्षा देने के लिए 27 लाख रुपये का भुगतान किया था, उन 24 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें कम से कम तीन सेंटरों में धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

कांस्टेबलों की भर्ती के लिए परीक्षा दिसंबर 2020 में आयोजित की गई थी। घोटाले की जांच कर रहे पूर्वोत्तर जिले की एक विशेष जांच टीम ने अब तक उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के लिंक पाए हैं और 16 एफआईआर दर्ज की हैं।

नीलेश कुमार खैरवा, नवीन कुमार खैरवा और सतीश कुमार नाम के भाइयों को बुधवार को दिल्ली के बाबा हरिदास नगर के झरोदा कलां से गिरफ्तार किया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, “उनके एडमिट कार्ड स्कैन करने के बाद हमने पाया कि तीनों के लिए एक ही आदमी उपस्थित हुआ था और उसकी तस्वीर हमारे डेटाबेस में उपलब्ध थी। हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और अधिक जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।”

धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब लिखित परीक्षा देने वाले आवेदकों के प्रवेश पत्र उनकी फिजिकल एग्जाम से पहले जांचे गए। इस साल, पहली बार, फिजिकल एग्जाम के लिए उपस्थित होने वाले आवेदनों की अलग-अलग तस्वीरें खींची गईं, और विसंगति का पता तब चला जब दोनों परीक्षाओं में बैठने वाले आवेदकों की तस्वीरें मेल नहीं खातीं।

डीसीपी (भर्ती प्रकोष्ठ) श्वेता चौहान ने कहा, “वर्तमान में, 11 गिरफ्तार लोगों की पहचान की गई है – प्रदीप कुमार (27), रोहित कुमार (22), सचिन कुमार (22), दीपक कुमार (22), सत्यवीर सिंह (21), रिंकू कुमार (19), रिंकू कुमार मीणा (24), अरविंद कुमार (22), हर प्रसाद (26), उमेश कुमार मीणा (22) और मोनू कुमार (20)।

चौहान ने कहा, “ऐसा माना जाता है कि उम्मीदवारों ने कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा में बैठने के लिए प्रतिरूपण करने वाले भेजे थे। चूंकि, दिल्ली पुलिस सत्यापन के कई चरणों का संचालन कर रही है, इसलिए ये प्रतिरूपण करने वाले पकड़े गए हैं”

सोनिया विहार और बाबा हरिदास नगर थाने में कई मामले दर्ज हैं। डीसीपी (उत्तर-पूर्व) संजय कुमार सेन ने कहा, “हमने मामले की जांच और पूरी साजिश का पता लगाने के लिए एक समर्पित टीम बनाई है।”

दिल्ली पुलिस द्वारा पुरुष और महिला कांस्टेबल दोनों की भर्ती की जा रही है, जिसमें लगभग 15 लाख आवेदक परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इससे पहले ब्लूटूथ उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए धोखाधड़ी करते पाए जाने पर नौ को गिरफ्तार किया गया था।

डीएसपी श्वेता चौहान ने कहा कि दिल्ली में तीन स्थानों पर 67,740 उम्मीदवारों की फिजिकल एग्जाम होगी। चौहान ने कहा, “अभ्यास की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्था की गई है और सभी कोविड से संबंधित दिशानिर्देशों और प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। लगभग 1,200 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है।”

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