दिल्ली पुलिस ने घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के निर्देश पर सिंघु बॉर्डर पर खालिस्तान के समर्थन में नारे लिखने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों की गिरफ्तारी पंजाब के फरीदकोट से हुई है।
सिंघु बॉर्डर की दीवारों पर ये नारे लिखने और वॉल पेंटिंग की घटना छह सितंबर को सामने आई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।
सिंघु बॉर्डर दिल्ली और हरियाणा के बॉर्डर पर पड़ता है। 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। तब सिंघु बॉर्डर पर कई महीनों तक किसानों ने धरना दिया था।
पन्नू ने ली थी घटना की जिम्मेदारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर कर इसकी जिम्मेदारी भी ली थी।
सूत्रों ने बताया कि आरोपियों की पहचान प्रीतपाल, हरमिंदर सिंह और शीशपाल के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि जांच कर रहे अफसरों ने सिंघु बॉर्डर की सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर उनकी गतिविधियों का पता लगाया जिसके बाद उन्हें पंजाब के फरीदकोट से गिरफ्तार किया गया।
पन्नू के संपर्क में था प्रीतपाल
सूत्रों ने कहा कि आरोपियों ने इस घटना को अंजाम देने के लिए जिस कार का इस्तेमाल किया था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रीतपाल पन्नू के सीधे संपर्क में था और पन्नू ने ही उसे सिंघु बॉर्डर के पास दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखने का निर्देश दिया था।
सूत्रों ने कहा कि इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि प्रीतपाल कहीं पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के भी संपर्क में तो नहीं था। उन्होंने बताया कि प्रीतपाल के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत पहले से एक मामला दर्ज है।
इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और खुफिया ब्यूरो (आईबी) की टीम दिल्ली के अलीपुर थाने में तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।
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खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) ने वैंकूवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को घेरने की धमकी दी। खालिस्तान समर्थक समूह ने कहा है कि वह भारतीय वाणिज्य दूतावास पर कब्जा कर लेगा। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
