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DELHI: गैंग नहीं, इन चोरों ने बना रखी थी MNC, सप्ताह में 2 छुट्टी का नियम, टारगेट पूरा होने पर देते थे ‘इनसेंटिव’

दिल्ली पुलिस ने एक चोर के गिरोह को पकड़ा है जो खुद को एमएनसी बताते हैं और कहते हैं कि हफ्ते में 2 दिन का ऑफ मिलता है।

प्रतीकात्मक फोटो, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है जो किसी चोर गिरोह की तरह नहीं बल्कि एक एमएनसी (मल्टी नेशनल कंपनी) की तरह काम करता था।पुलिस ने बताया कि यह चोर गिरोह बस यात्रियों के फोन चुराता था। आगे पुलिस ने बताया कि इस चोर गिरोह की खास बात यह थी कि ये एक दम प्रोफेनशल्स की तरह काम करते थे, जैसे हफ्ते में दो दिन छुट्टी, टारगेट पूरा होने पर डेली का मेहनताना आदि। दरअसल इन सभी बातों का पुलिस को तब पता लगा जब पुलिस ने चोरों के सरगना से गैंग के बाकी मेंबर्स के बारे में पूछा। तब पुलिस को जवाब मिला कि यह गैंग नहीं बल्कि कंपनी थी। जिसमें चोरों से हफ्ते में पांच दिन काम लिया जाता था। जबकि दो दिन यानी शनिवार-रविवार छुट्टी रहती थी। साथ ही कंपनी में नौकरी पर रखे जाने वाले स्टाफ को हर दिन 500 रुपए के साथ वेज-नॉनवेज खाना और शराब भी मिलती थी। लेकिन दिन का टारगेट पूरा करने के बाद।

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कौन है चोरों की कंपनी का मुखिया: पुलिस ने बताया कि चोरों की इस कंपनी का मुखिया चमल लाल था।वहीं उसके सबसे खास चोर का नाम है बोपी विश्वास। इसके साथ ही ओम प्रकाश और ज्ञानेश को इन दोनों ने नौकरी पर रखा था। वहीं पुलिस को इन चार के अलावा भी गैंग में कुछ और लोगों के होने का शक है। चोरों ने पुलिस को बताया कि हर महीने शुरू के दस दिन वो खास मेहनत करके चोरी करते थे। इसके साथ ही उनका कोई इलाका फिक्स नहीं था लेकिन उनका पसंदीदा बस रूटों में एमबी रोड से बदरपुर, कालका मंदिर से मां आनंदमयी मार्ग, आउटर रिंग रोड और बीआरटी पर चलने वाली डीटीसी और क्लस्टर बसें शामिल थीं। इसके साथ ही चोर हर दिन करीब 7-8 मोबाइल चुराते थे।

दिल्ली के बाहर बेचते थे मोबाइल: पुलिस ने खुलासा किया कि चोर कभी भी चोरी के मोबाइल दिल्ली में नहीं बेचते थे। चूंकि पंजाब के गुरदासपुर का रहने वाला सनी उनसे दिल्ली आकर फोन खरीद लेता था। इसके साथ ही चोरों ने बताया कि चुराए जाने वाले फोनों में आईफोन की कीमत कम मिलती थी क्योंकि उसके पार्ट्स बेचना मुश्किल होता था और वो आसानी से ट्रैक भी हो जाता है। वहीं सबसे अधिक कीमत सैमसंग के फोन की मिलती थी चूंकि इसके पार्ट्स आम दुकानों से शख्स खरीद लेता था। वहीं चोरों ने बताया कि सेमसंग का सबसे मंहगा फोन भी दस हजार का ही बिकता था।

 

फरार है सनी: पुलिस ने बताया कि उन्होंने सनी को पकड़ने के लिए गुरुदासपुर में रेड डाली लेकिन वह फरार हो गया। चोर गैंग ने बताया कि बस में चोरी करते ही वो उतरकर पीछे आ रहे ऑटो में सवार हो जाते थे। चूंकि वो ऑटो उनके ही आदमी का होता था।

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