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शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने वाले अफसरों पर चले मुकदमा

अदालत ने सीपीसीबी को उसकी अधिकृत सोशल मीडिया साइट पर दिल्ली में वायु प्रदूषण के बारे में मिली कुल शिकायतों में से करीब 250 शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है। अदालत का कहना है कि एजंसियों के खिलाफ कार्रवाई व किसी न किसी अधिकारी को जेल भेजने से ही कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

Author November 27, 2018 6:54 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

दिल्ली में प्रदूषण का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदूषण पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से कहा कि उसके पास आई शिकायतों पर सुनवाई क्यों नहीं हुई। अदालत ने सीपीसीबी को उसकी अधिकृत सोशल मीडिया साइट पर दिल्ली में वायु प्रदूषण के बारे में मिली कुल शिकायतों में से करीब 250 शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है। अदालत का कहना है कि एजंसियों के खिलाफ कार्रवाई व किसी न किसी अधिकारी को जेल भेजने से ही कार्रवाई सुनिश्चित होगी। शीर्ष अदालत ने दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी की दर्ज किए जाने के मद्देनजर यह कहा। न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि इन शिकायतों पर कार्रवाई करने में विफल रहने वाले अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की जरूरत है। पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एएनएस नाडकर्णी से कहा कि आपने इन शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए अधिकृत अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। आपको उन पर मुकदमा चलाना चाहिए। इन लोगों को यह पता चलना चाहिए कि उन्होंने क्या किया है।

सीपीसीबी की ओर से नाडकर्णी ने बताया कि एक से 22 नवंबर के दौरान उसे सोशल मीडिया पर अपनी वेबसाइट पर वायु प्रदूषण के बारे में 749 शिकायतें मिलीं और इनमें से करीब 500 शिकायतों पर कार्रवाई की गई। शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के अदालत के सुझाव पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस पर गौर करेगा। बोर्ड ने एक नवंबर को शीर्ष अदालत से कहा था कि उसने ट्विटर और फेसबुक पर अपने एकाउंट बनाए हैं ताकि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बारे में नागरिक शिकायत दर्ज कर सकें। अदालत ने राजधानी में वायु प्रदूषण से संबंधित मुद्दों पर सुनवाई कर रही है। इस बारे में सीपीसीबी के एक अधिकारी ने कहा है कि इस निर्देश पर कार्रवाई हो सकती है।

इस बीच सोमवार सुबह दिल्ली में सुबह धुंध छाई रही। सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक ‘वायु गुणवत्ता सूचकांक’ (एक्यूआइ) 320 दर्ज की गई जोकि ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में आता है। दिल्ली के 23 इलाकों में हवा ‘बेहद खराब’ रही व 12 इलाकों में ‘खराब’ रही। पीएम 2.5 का स्तर 179 दर्ज किया गया जबकि पीएम 10 का स्तर 338 रहा।

एनसीआर क्षेत्र में एक्यूआइ सबसे खराब 398 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा और नोएडा में यह ‘बेहद खराब’ रहा। फरीदाबाद और गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता मध्यम स्तर की रही। वायु गुणवत्ता व मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) के मुताबिक, अगले दो दिन में प्रदूषण धीरे-धीरे बढ़ेगा और दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ दर्जे में रहने के आसार हैं। सफर की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीते दो दिन के मुकाबले हवा की गति में कमी आने की वजह से प्रदूषण बढ़ा। मौसम संबंधी अन्य कारक पहले से खराब हैं। ठंड बढ़ने से प्रदूषण और बढ़ेगा।

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