Delhi News: दिल्ली के जनकपुरी में पांच फरवरी की देर रात 25 वर्षीय युवक की दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के खुले गड्ढे में गिरने से मौत के बाद प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई। मुख्यमंत्री और जल मंत्री के सख्त आदेशों के बाद दिल्ली जल बोर्ड ने इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
डीजेबी ने विशेष रूप से किराए की गाड़ियों, टैंकरों और मशीनरी उपकरणों से जुड़े सड़क हादसों में जवाबदेही तय की है। भविष्य में यदि इनकी वजह से कोई दुर्घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार या मालिक की होगी।
क्या हैं इसके प्रावधान?
साथ ही घटना की स्पष्ट सीडीओ, सदस्य (प्रशासन), निदेशक (प्रशासन एवं कार्मिक) और श्रम कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करनी होगी। इसके साथ ही घटनास्थल के नजदीकी पुलिस स्टेशन में भी रिपोर्ट दर्ज कराना अनिवार्य होगा। घायल व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना भी निर्देशों में शामिल है।
डीजेबी ने कहा है कि किसी भी तरह के हादसे या घटना को लेकर सीडीओ को तथ्यों से अवगत कराया जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई सदस्य (प्रशासन) और निदेशक (प्रशासन एवं कार्मिक) द्वारा तय की जाएगी। विभाग को उसी दिन प्रेस नोट जारी कर मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी। श्रम कल्याण अधिकारी को हादसों से जुड़े मुआवजे की कार्रवाई करने और संबंधित टैंकर मालिक या ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मालिक और ठेकेदार की होगी जिम्मेदारी
कानूनी कार्रवाई में समन्वय के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मालिक/ठेकेदार मोटर वाहन अधिनियम के तहत अपनी जिम्मेदारी पूरी करें। डीजेबी ने यह भी साफ किया है कि हादसे से जुड़े किसी भी दावे, नुकसान या कानूनी कार्रवाई के लिए ठेकेदार/मालिक पूरी तरह जिम्मेदार होंगे।
जल बोर्ड में कार्यरत ठेकेदार यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके कारण अधिकारियों को कोई नुकसान, खर्च या कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। ये आदेश जल बोर्ड के सीईओ की मंजूरी के बाद निदेशक (प्रशासन एवं कार्मिक) मनोज कुमार द्वारा जारी किए गए हैं।
यह भी पढ़ें: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार का डिजिटल कदम, अब ऑनलाइन होगी हर शिकायत, 15 दिन में होगा निपटारा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को दिल्ली सचिवालय में ‘सीएम जनसुनवाई पोर्टल’ और मोबाइल एप के साथ-साथ अन्य आईटी सेवाओं की शुरुआत की, ताकि दिल्ली के नागरिक घर बैठे ही अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकें। हर शिकायत का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। पढ़िए पूरी खबर…
