Delhi News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे 2027 तक पूरा होगा। इस मार्ग से मुंबई का सफर केवल 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। अभी इस यात्रा में करीब 33 घंटे का समय लगता है। शुक्रवार को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मार्ग की मदद से आर्थिक एकीकरण में जबरदस्त सुधार होगा।
इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली को भी जाम मुक्त बनाने की कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार बजट में देश के रोड प्रोजेक्ट्स के लिए केंद्रीय बजट में सड़क बुनियादी ढांचे के लिए लगभग तीन लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इस आवंटन से देश में सड़कों का जाल बिछाने के काम में मदद मिलेगी। बता दें कि दिल्ली मुंबई योजना केंद्र सरकार की अहम योजनाओं में से एक है और इसके तहत 1350 किलोमीटर लंबे रोड के जरिये दिल्ली- मुंबई को जोड़ने की तैयारी है।
कई फेज में काम किया जा रहा
इस काम को कई फेज में किया जा रहा है और यह सरकार के ग्रीन हाईवे कॉरिडोर में से एक है। यह रोड पूरा होने से हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के भीषण जाम को खत्म करने के लिए भी दिल्ली- एनसीआर की कई अहम योजनाओं पर काम कर रही है। इस योजनाओं में एक दिल्ली- सहारनपुर परियोजनाओं को जल्द ही शुरू किया जाएगा।
केंद्र सरकार 24000 करोड़ की परियोजनाओं पर काम कर रही
दिल्ली- एनसीआर के लिए केंद्र सरकार करीब 24000 करोड़ की परियोजनाओं पर काम कर रही है। इसके अलावा आश्रम से बदरपुर, पंजाबी बाग से टिकरी बार्डर और महरौली-गुरुग्राम मार्ग सहित प्रमुख सड़क हिस्सों को एनएचएआई ने अपने हाथ में ले लिया है। उन्होंने बताया कि आश्रम से बदरपुर बार्डर तक मथुरा रोड, पुरानी दिल्ली-रोहतक रोड – पंजाबी बाग से टिकरी बार्डर तक और महरौली-गुरुग्राम रोड – महरौली से गुरुग्राम शहर तक, कुल 33 किमी लंबे हैं और दिल्ली और पड़ोसी इलाकों के बीच अहम लिंक हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली जाम मुक्त बनाने की योजना के तहत दिल्ली और हरियाणा में कुंडली मानेसर पलवल एक्सपेंशन (केएमपीई) से अर्बन एक्सपेंशन रूट -दो (एनएच-344एम) तक दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के एक्सपेंशन पर केंद्रित है। यह यूईआर-दो और द्वारका एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली और गुरुग्राम को कटरा से जोड़ेगा।
इसी तरह दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अलीपुर के पास यूईआर-दो (एनएच-344एम) का ट्रानिका सिटी के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (एनएच-709बी) तक ले जाने की योजना है। यह एनएच-44/दिल्ली आउटर/इनर रिंग रोड के लिए बाईपास का भी काम करेगा, क्योंकि उत्तरी/उत्तर-पश्चिमी/पश्चिमी/दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली और गुरुग्राम जाने वाला ट्रैफिक यूईआर-दो और द्वारका एक्सप्रेसवे से होकर अपनी मंजिल तक पहुंच सकता है। इसके अलावा दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे (शिव मूर्ति महिपालपुर के पास) से नेल्सन मंडेला मार्ग, वसंत कुंज तक एक रोड टनल का निर्माण किया जाएगा, जिससे द्वारका एक्सप्रेसवे से नेल्सन मंडेला मार्ग पर जाम से राहत होगी। बता दें इस महत्वाकांक्षी परियोजना का गुजरात स्थित करीब 87 किलोमीटर हिस्सा बनाना चुनौती साबित हो रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
