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दिल्‍ली: बच्‍चा चोरी के शक में भीड़ ने किया हमला, विदेशी महिला बोली- भारत छोड़ना चाहती हूं

गुरुवार को दिल्ली के द्वारका इलाके में हरि नगर में नाइजीरियाई और तंजानियाई मूल के लोगों को बच्चा चोरी के आरोप में स्थानीय लोगों ने बंधक बना लिया था।

Author November 25, 2018 11:53 AM
घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी।

दिल्ली में गुरुवार को बच्चा चोरी की अफवाह में भीड़ द्वारा बंधक बनायी गईं तंजानिया मूल की महिलाएं इस कदर डर गई हैं कि वह भारत छोड़ने पर विचार कर रही हैं। एक पीड़ित महिला की बहन ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि “वह बहुत डरी हुई है और जब भी किसी अज्ञात नंबर से उनके पास कॉल आती है तो उन्हें लगता है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें ट्रैक कर लिया है। वह किसी भारतीय व्यक्ति के साथ मुश्किल से बात कर पा रही है। कल्पना कीजिए कि 100 लोग आपके घर को घेरकर खड़े हों और आप पर नरभक्षी होने और बच्चा चोरी के आरोप लगा रहे हों। मेरी बहन अब वापस जाना चाहती है, लेकिन हम उसे यहां रहने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं।” पीड़ित विदेशी लोगों का मानना है कि पुलिस में एफआईआर दर्ज करने के चलते भी उनका फिलहाल देश छोड़ना आसान नहीं होगा।

बता दें कि गुरुवार को दिल्ली के द्वारका इलाके में हरि नगर में नाइजीरियाई और तंजानियाई मूल के लोगों को बच्चा चोरी के आरोप में स्थानीय लोगों ने बंधक बना लिया था। जिसके बाद पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विदेशी लोगों को सुरक्षित छुड़ाया। इस मामले में एक एफआईआर अफ्रीकी मूल के लोगों ने दर्ज करायी है, वहीं एक एफआईआर स्थानीय लोगों ने बच्चा चोरी के आरोप में दर्ज करायी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस अभी उन लोगों की पहचान करने की कोशिश में जुटी है, जिन्होंने पुलिस को बच्चा चोरी की शिकायत की थी। इसके साथ ही पुलिस घटना की वीडियो देखकर उन लोगों का पता लगाने की भी कोशिश कर रही है, जो पुलिस द्वारा विदेशी लोगों को सुरक्षित निकालने के दौरान हंगामा कर रहे थे।

वहीं पुलिस ने जिन लोगों को भीड़ से सुरक्षित बचाया, उनमें से एक व्यक्ति की वीजा अवधि खत्म हो चुका है, जिसे एम्बेसी से संपर्क कर वापस भेजा जाएगा। दिल्ली में रह रहे अफ्रीकी मूल के लोग इस बात से भी खुश नहीं हैं कि उनसे पुलिस द्वारा काफी सवाल जवाब किए जाते हैं। तंजानिया मूल की एक 24 वर्षीय युवती का कुछ दिनों पहले ऑटो से जाते हुए फोन छीन लिया गया था। लेकिन युवती ने पुलिस में इसकी शिकायत नहीं की। युवती का कहना है कि वह नहीं चाहती कि उससे मामले से जुड़े सवाल-जवाब के बजाए पुलिस अन्य पूछताछ करे। ऑल इंडिया नाइजीरियन स्टूडेंट्स एंड कम्यूनिटी के उपाध्यक्ष ओबिन्हा बेंजामिन का कहना है कि अफ्रीकी समुदाय के लोगों पर हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं। जिसके बाद पुलिस हमसे मिलने लगी है, लेकिन अभी भी बीट स्टाफ का रवैया वैसा ही है और वह हमसे पासपोर्ट और अन्य कागजात के बारे में पूछताछ करने लग जाते हैं।

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