Delhi Metro Stations Closed: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने गुरुवार को घोषणा की कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शनों की वजह से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, इसलिए सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे।
डीएमआरसी ने सर्विस अपडेट में कहा, “मेट्रो स्टेशन सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगे। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।”
ये स्टेशन रहेंगे बंद
इन स्टेशनों में बाराखंबा रोड, केंद्रीय सचिवालय, दिल्ली गेट इंद्रप्रस्थ, आईटीओ, जनपथ, जोर बाग, खान मार्केट लोक कल्याण मार्ग, मंडी हाउस पटेल चौक, राजीव चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग सेवा तीर्थ, शिवाजी स्टेडियम और सुप्रीम कोर्ट स्टेशन का नाम शामिल है। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपने रूट की जानकारी जरूर जांच लें और वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।
आतिशी ने मोदी सरकार पर बोला हमला
आप नेता आतिशी ने एक पोस्ट में लिखा, “मोदी सरकार दिल्ली की जीवन रेखा मानी जाने वाली यात्रा को दिन-प्रतिदिन बाधित करने और आम यात्रियों को परेशान करने को तैयार है, लेकिन जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं से बात करने को तैयार नहीं है।”
ये पाबंदियां ऐसे समय में लगाई गई हैं जब नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के आरोपों को लेकर विरोध-प्रदर्शनों के बीच संसद का मानसून सत्र चल रहा है। बुधवार को भी डीएमआरसी ने एहतियात के तौर पर उन्हीं 16 स्टेशनों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया था, लेकिन राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा चालू रखी थी।
कॉकरोच जनता पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शनों की अगुवाई कर रही है और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी जून के आखिर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के जरिये इस आंदोलन में शामिल हो गए थे।
जेपी नड्डा ने वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मिलने के कुछ घंटों बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि उन्होंने वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया है। नड्डा ने कहा कि सरकार सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और हमेशा उन पर बात करने को इच्छुक रहती है। आज उन्होंने (वांगचुक) मुझे एक खुला पत्र लिखा है। हम उस पत्र का जवाब देंगे और जवाब देने के बाद यह सुनिश्चित करेंगे कि बातचीत आगे बढ़े।”
दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
दिल्ली में यह विरोध-प्रदर्शन परीक्षा और भर्ती प्रणालियों में गड़बड़ी के आरोपों के कारण शुरू हुए हैं। इसमें छात्र शिक्षा क्षेत्र में ज्यादा जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की ओर से संसद चलो मार्च को रोके जाने के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। इसके कारण झड़पें हुईं, लोग घायल हुए, हिरासत में लिए गए और कई एफआईआर दर्ज की गईं। दिल्ली पुलिस का कहना था कि संसद की ओर किसी भी मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई थी और न ही दी गई थी और नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी।
यह भी पढ़ें: सोनम वांगचुक के अनशन को क्यों मिल रहा भारी समर्थन? गांधी, जेपी और अन्ना हजारे के जनआंदोलनों से समझिए कनेक्शन
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन 28 जून से शुरू किया था। लेकिन इसके दो सप्ताह बाद इसे सोशल मीडिया पर काफी समर्थम मिलने लगा। वांगचुक की मांग है कि नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
